NCERT Solutions • Class 6 Hindi (Malhar - मल्हार) |
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हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान Class 6th Hindi Malhar Chapter 12 Question Answer
हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान Class 6 Question Answer
पाठ से
आइए, अब हम इस पाठ को थोड़ा और निकटता से समझ लेते हैं। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी। आइए इन गतिविधियों को पूरा करते हैं।
मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए-
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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(ख) अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं उत्तर दे।
पंक्तियों पर चर्चा
“ भारत में बैठे-बैठे हम यह नहीं समझ पाते कि भारतीय संस्कृति कितनी प्राणवती और चिरायु है। किंतु, मॉरिशस जाकर हम अपनी संस्कृति की प्राणवत्ता का ज्ञान आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। ”
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ अपने शिक्षक की मदद से साझा करते हुए अपना लेखन पुस्तिका में लिखिए।
सोच-विचार के लिए
इस यात्रा-वृत्तांत को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए—
(क) “नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है। ”
नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में क्या अंतर है?
उत्तर:
“नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है। ”
नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में अंतर- नेशनल पार्क शहर से बाहर बहुत बड़े जंगल में होता है जिसमें घास बहुत अधिक तथा पेड़ बहुत कम होते हैं। नेशनल पार्क में सर्वत्र अच्छी सड़कें बनी हुई होती हैं तथा उस पर पर्यटकों की गाड़ियाँ दौड़ती रहती हैं। नेशनल पार्क में शेर और हिरणों का समूह स्वतंत्र रूप से विचरण करता रहता है।
चिड़ियाघर में पशु-पक्षी तथा शेर, हिरण अन्य जानवर एक सीमित क्षेत्र में ही रहते हैं। जिसके लिए कुछ निर्धारित स्थान निवास के लिए बनाए जाते हैं जो कि एक सीमित दायरा होता है।
(ख) “हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।”
वे कौन थे जिन्होंने लेखक और अन्य लोगों को पेड़-पौधों और खरपात से भी बदतर समझ लिया था ? उन्होंने ऐसा क्यों समझ लिया था?
उत्तर:
“हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।”
लेखक और अन्य लोग जब दस-बीस मील के भीतर हर सड़क छान लेने के बाद उस स्थान पर पहुँचे जहाँ सात-आठ सिंह लेटे या सोए हुए थे। उन सिंहो को पूछ जानने की इच्छा नहीं थी कि उन्हें देखने को आने वाले लोग कौन हैं। उन सिंहों ने कभी भी दृष्टिपात नहीं किया मानो ये लोग (लेखक और अन्य लोग) तुच्छातितुच्छ हो और उनकी नजर में आने के योग्य बिल्कुल नहीं है। एक सिंह ने उठकर जम्हाई ली दूसरे ने देह को ताना, मगर उनकी और नजर नहीं उठाई। तब उन लोगों को लगा कि- हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।
(ग) “ मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं।”
पाठ में इस कथन के समर्थन में कौन-सा तर्क दिया गया है?
उत्तर:
“मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं। ”
मॉरिशस वह देश है जहाँ की जनसंख्या के 67 प्रतिशत लोग भारतीय खानदान के हैं तथा जहाँ 53 प्रतिशत लोग हिंदू ही हैं। मॉरिशस में ऊख की खेती और उसके व्यवसाय को जो सफलता मिली है, भारतीयों के कारण मिली है। मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं।
(घ) “उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला। ”
भारत से गए लोगों ने मॉरिशस को हिंदुस्तान जैसा कैसे बना दिया है?
उत्तर:
” उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला ”
मॉरिशस वह देश है जिसकी राजधानी पोर्टलुई की गलियों के नाम- कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद और बंबई हैं तथा जिसके एक मोहल्ले का नाम काशी है। मॉरिशस वह देश है, जहाँ बनारस भी है, गोकुल भी है और ब्रह्म स्थान भी है। मॉरिशस जाकर हम अपनी संस्कृति की प्राणवत्ता का ज्ञान आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। मालिकों की इच्छा तो पूछी थी कि भारतीय लोग भी क्रिस्तान हो जाएँ किंतु भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन पूलोमनो को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।
मिलकर करें मिलान
इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट, पुस्तकालय या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
Question 1 (1)
अफ्रीका | 1. यह अफ़्रीका महाद्वीप के एक देश ‘केन्या’ की राजधानी है। |
2. नैरोबी | 2. यह श्रीराम के जीवन पर आधारित अमर ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ लिखने वाले कवि का नाम है। |
3. रक्तचाप | 3. यह एशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा महाद्वीप है। |
4. बी.ओ.ए.सी. | 4. यह रक्त वाहिनियों अर्थात नसों में बहते रक्त द्वारा उनकी दीवारों पर डाले गए दबाव का नाम है। |
5. भूमध्य रेखा | 5. यह दो भाषाओं के मिलने से बनी नई भाषा का नाम है। |
6. देशांतर रेखा | 6. यह ‘ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉरपोरेशन’ नाम का छोटा रूप है। यह एक बहुत पुरानी विदेशी विमान कंपनी थी। |
7. तुलसीदास | 7. यह पृथ्वी के चारों ओर एक काल्पनिक वृत्त है जो पृथ्वी को दो भागों में बाँटता है- उत्तरी भाग और दक्षिणी भाग। |
8. क्रेयोल | 8. यह बाँस का एक मज़बूत डंडा होता है। जिसे काँवड़ या बहंगी भी कहा जाता है, जिसके दोनों सिरों पर बँधी हुई दो टोकरियों या छीकों में यात्री गंगाजल या अन्य वस्तुएँ भरकर ले जाते हैं। |
9. काँवर | 9. ये ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ हैं। ये उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाती हैं। |
2. → 1
3. → 4
5. → 7
6. → 9
8. → 5
9. → 8
यात्रा – वृत्तांत की रचना
” इतने में कोई मील-भर की दूरी पर हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा। अब दो जवान सिंह उठे और दो ओर को चल दिए। एक तो थोड़ा-सा आगे बढ़कर एक जगह बैठ गया, लेकिन दूसरा घास के बीच छिपता हुआ मोर्चे पर आगे बढ़ने लगा।”
इन वाक्यों को पढ़कर ऐसा लगता है मानो हम लेखक की आँखों से स्वयं वह दृश्य देख रहे हैं। मानो हम स्वयं भी उस स्थान की यात्रा कर रहे हैं, जहाँ का वर्णन लेखक ने किया है। यह इस यात्रा – वृत्तांत की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। यदि आप इस यात्रा – वृत्तांत को थोड़ा और ध्यान से पढ़ेंगे तो आपको और भी बहुत-सी विशेषताएँ पता चलेंगी।
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं उत्तर दें।
अनुमान या कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
(क) “मॉरिशस वह देश है, जहाँ बनारस भी है, गोकुल भी है और ब्रह्मस्थान भी। ”
मॉरिशस में लोगों ने गली-मोहल्लों के नाम इस तरह के क्यों रखे होंगे?
(ख) “कोई सात-आठ सिंह लेटे या सोए हुए और उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। ”
आपने पढ़ा कि केन्या का राष्ट्रीय पार्क पर्यटकों से भरा रहता है। पर्यटक जंगली जानवरों को घेरे रहते हैं। क्या इसका उन पशुओं पर कोई प्रभाव पड़ता होगा ? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
(संकेत- राष्ट्रीय पार्क के बंदरों, सिंहों का व्यवहार भी बदल गया है। )
(ग) “हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा, जिनके बीच एक जिराफ बिल्कुल बेवकूफ की तरह खड़ा था।”
सिंहों के आस-पास होने के बाद भी जिराफ क्यों खड़ा रहा होगा?
(घ) “मॉरिशस के मध्य में एक झील है, जिसका संबंध हिंदुओं ने परियों से बिठा दिया है और उस झील का नाम अब परी – तालाब हो गया है।”
उस झील का नाम ‘परी – तालाब’ क्यों पड़ा होगा?
(ङ) आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि लगभग 50 साल पहले ‘परी – तालाब’ का नाम बदलकर ‘गंगा – तालाब’ कर दिया गया है। मॉरिशस के लोगों ने यह नाम क्यों रखा होगा?
उत्तर:
छात्र/छात्राएँ अपने समूह में मिलकर चर्चा करें।
शब्दों की बात
नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, पुस्तकालय, अपने शिक्षकों और साथियों की सहायता भी ले सकते हैं।
संज्ञा के स्थान पर
(क) “ हिरनों ने ताड़ लिया किउनपर सिंहों की नज़र पड़ रही है। अतएववेचरना भूलकर चौकन्ने हो उठे।”
इन पंक्तियों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। इन वाक्यों में ये शब्द किनके लिए उपयोग किए गए हैं? ये शब्द ‘हिरनों’ के लिए उपयोग में लाए गए हैं। आप जानते ही हैं कि ‘हिरन’ यहाँ एक संज्ञा शब्द है। जो शब्द संज्ञा शब्दों के स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं, उन्हें ‘सर्वनाम ‘ कहते हैं।
अब नीचे दिए गए वाक्यों में सर्वनाम शब्दों को पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए –
“हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।”
2. “भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।”
(ख) ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों को सर्वनाम की जगह संज्ञा शब्द लगाकर लिखिए।
पहचान पाठ के आधार पर
आपने इस यात्रा वृत्तांत में तीन देशों के नाम पढ़े हैं- भारत, केन्या और मॉरिशस पुस्तकालय या कक्षा में उपलब्ध मानचित्र पर भारत को तो आप सरलता से पहचान ही लेंगे। पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर बाकी दोनों देशों को पहचानिए।
उत्तर:
छात्र/छात्राएँ पुस्तकालय पर कक्षा में उपलब्ध मानचित्र पर पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर भारत केन्या और मॉरिशस देशों की पहचान करें।
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) – “वहाँ जो कुछ देखा, वह जन्मभर कभी नहीं भूलेगा।”
क्या आपने कभी ऐसा कुछ देखा, सुना या पढ़ा है जिसके बारे में आपको लगता है कि आप उसे कभी नहीं भूल सकेंगे? उसके बारे में अपने समूह में बताइए |
(ख) “हमें अफ़्रीका के शेरों से मुलाकात कर लेनी चाहिए।”
‘मुलाकात’ शब्द का अर्थ है ‘मिलना’। लेकिन यहाँ ‘मुलाकात’ शब्द का भाव है- शेरों को पास से देखना। इसके लिए ‘अपनी आँखों से देखना’, ‘सजीव देखना’ ‘भेंट ‘करना’ आदि शब्दों का प्रयोग भी किया जाता है। अपनी बात को और अधिक सुदंर और अनोखा रूप देने के लिए शब्दों के इस प्रकार के प्रयोग किए जाते हैं।
आपने अब तक किन-किन पशु-पक्षियों से ‘मुलाकात’ की है? वह मुलाकात कहाँ हुई थी? बताइए।
(ग) “ यह ऐसी सफलता की बात है, जिस पर सभी भारतीयों को गर्व होना चाहिए। ”
आपको किन-किन बातों पर गर्व होता है? बताइए।
(संकेत- ये बातें आपके बारे में हो सकती हैं, आपके परिवार के बारे में हो सकती हैं और किसी अन्य व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी आदि के बारे में भी हो सकती हैं।) उत्तर- छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।
कक्षा और घर की भाषाएँ
“प्रायः सभी भारतीय भोजपुरी बोलते अथवा उसे समझ लेते हैं। यहाँ तक कि भारतीयों के पड़ोस में रहने वाले चीनी भी भोजपुरी बखूबी बोल लेते हैं। ”
भारत एक बहुभाषी देश है। भारत में लगभग सभी व्यक्ति एक से अधिक भाषाएँ बोल या समझ लेते हैं। आप कौन-कौन सी भाषाएँ बोल – समझ लेते हैं? आपके मित्र कौन-कौन सी भाषाएँ बोल – समझ लेते हैं? इसके बारे में यहाँ दी गई तालिका को पूरा कीजिए-

क्रम संख्या | मैं जिन भाषाओं को बोल समझ लेता / लेती हूँ | मेरे मित्र जिन भाषाओं को बोल- समझ लेते हैं | मेरे परिजन जिन भाषाओं को बोल समझ लेते हैं |
कुल संख्या |
(संकेत- इस तालिका को पूरा करने के लिए आपको अपने मित्रों और परिजनों से पूछताछ करनी होगी। पहले भाषाओं के नाम लिखने हैं, बाद में उन नामों को गिनकर उनकी कुल संख्या लिखनी है।)
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।
प्रशंसा या सराहना विभिन्न प्रकार से
“ यह द्वीप हिंद महासागर का मोती है, भारत – समुद्र का सबसे खूबसूरत सितारा है। ”
इस पाठ में लेखक ने मॉरिशस की सराहना में यह वाक्य लिखा है | सराहना करने के लिए ‘दिनकर’ ने द्वीप की तुलना मोती और तारे से की है।
किसी की सराहना अनेक प्रकार से की जा सकती है। आप आगे दी गई तालिका को पूरा कीजिए। पहले नाम लिखिए, फिर इनकी प्रशंसा में एक-एक वाक्य लिखिए। शर्त यह है कि प्रत्येक बार अलग तरह से प्रशंसा करनी है-
सराहना की तालिका

नाम | प्रशंसा या सराहना का वाक्य | |
स्वयं | ||
परिजन | ||
शिक्षक | ||
मित्र | ||
पशु | ||
स्थान | ||
सब्जी | ||
पेड़ |
छात्र/छात्राएँ सराहना की तालिका स्वयं पूरा करें।
चित्रात्मक सूचना (इंफोग्राफिक्स)
नीचे दिए गए चित्र को देखिए। इसमें चित्रों के साथ-साथ बहुत कम शब्दों में कुछ जानकारी दी गई है। इसे ‘चित्रात्मक सूचना’ कहते हैं।
(क) इस ‘चित्रात्मक सूचना के आधार पर मॉरिशस के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए।
(ख) अपनी पसंद के किसी विषय पर इसी प्रकार की ‘चित्रात्मक सूचना’ की रचना कीजिए, जैसे- आपका विद्यालय, कोई विशेष दिवस, आपके जीवन की कोई विशेष घटना आदि।
(संकेत- यह कार्य आप अपने समूह में मिलकर कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी कागज़ पर चित्र चिपका सकते हैं और सूचना को कलात्मक रूप से कम शब्दों में लिख सकते हैं। चित्र बनाए भी जा सकते हैं। आप यह कार्य कंप्यूटर या मोबाइल फोन की सहायता से भी कर सकते हैं।)
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।

हस्ताक्षर
आप जानते ही हैं कि यह पाठ हिंदी के प्रसिद्ध लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने लिखा है। वे अपने कुछ इस प्रकार लिखते थे-
अपनी पहचान प्रकट करने के लिए अपने नाम को किसी विशेष प्रकार से लिखने को हस्ताक्षर कहते हैं। हस्ताक्षर का प्रयोग व्यवति को जीवनभर अनेक कार्यों के लिए करना होता है। आपके विद्यालय में भी आपसे हस्ताक्षर करवाए जाते होंगे। आप प्रार्थना पत्रों के अंत में भी अपने हस्ताक्षर करते होंगे।
हो सकता है अभी आपने अपने हस्ताक्षर निर्धारित न किए हों। यदि नहीं भी किए हैं तो कोई बात नहीं। आप चाहें तो आज भी अपने हस्ताक्षर निर्धारित कर सकते हैं।
नीचे दिए गए स्थान पर अपने हस्ताक्षर पाँच बार कीजिए। ध्यान रखें कि आपके हस्ताक्षर एक जैसे हों, अलग-अलग न हों।

नोट- नीचे दिए गए स्थान पर छात्र / छात्राएँ पाँच बार अपने हस्ताक्षर करें जो एक ही जैसे हों।
पत्र
यहाँ ‘दिनकर’ का लिखा एक पत्र दिया जा रहा है। इसे पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर लिखिए। पत्र पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपने समूह में मिलकर खोजिए –

नई दिल्ली
8-7-67
मान्यवर चतुर्वेदी जी,
आपका कृपा-पत्र मिला। मेरा स्वास्थ्य इधर बहुत गिर गया है और संयम के बावजूद तेज़ी से सुधर नहीं रहा है। मेरा चित्त अभी भी दबा हुआ है। ऐसी अवस्था में मैंने दो सप्ताह के लिए मॉरिशस जाना स्वीकार कर लिया है। 15 जुलाई को प्रस्थान करना है। लौटना शायद 5 अगस्त तक हो।
आपके आशीर्वाद की कामना करता हूँ।
आपका दिनकर
सफ़दरजंग लेन, नई दिल्ली
(क) पत्र किसने लिखा है?
उत्तर:
पत्र रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने लिखा है।
(ख) पत्र किसे लिखा गया है?
उत्तर:
पत्र चतुर्वेदी जी को लिखा गया है।
(ग) पत्र किस तिथि को लिखा गया है?
उत्तर:
पत्र 8-7-67 को लिखा गया है।
(घ) पत्र किस स्थान से लिखा गया है ?
उत्तर:
पत्र सफ़दरजंग लेन, नई दिल्ली से लिखा गया है।
(ङ) पत्र पाने वाले के नाम से पहले किस शब्द का प्रयोग किया गया है?
उत्तर:
पत्र पाने वाले के नाम से पहले ‘मान्यवर’ शब्द का प्रयोग किया गया है।
(च) पत्र-लेखक ने अपने नाम से पहले अपने लिए क्या शब्द लिखा है?
उत्तर:
पत्र – लेखक ने अपने नाम से पहले अपने लिए ‘आपका’ शब्द लिखा है।
उलझन सुलझाओ
(क) “जहाज़ नैरोबी से चार बजे शाम को उड़ा और पाँच घंटों की निरंतर उड़ान के बाद जब वह मॉरिशस पहुँचा, तब वहाँ रात के लगभग दस बज रहे थे।”
नोट – छात्र / छात्राएँ इसका कारण पता करने के लिए अपने शिक्षकों या इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं।
जहाज नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ा तो उसे 5 घंटों की उड़ान के बाद रात 9 बजे मॉरिशस पहुँचना चाहिए था। लेकिन वह पहुँचा लगभग दस बजे। क्यों?
आप इसका कारण पता करने के लिए अपने शिक्षकों या इटरनेट की सहायता ले सकते हैं।
(ख) नीचे दो घड़ियों के चित्र दिए गए हैं। एक घड़ी भारत के समय को दिखा रही है। दूसरी घड़ी दिखा रही है कि उसी समय मॉरिशस में कितने घंटे और मिनट हुए हैं।
इन घड़ियों के अनुसार नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

आज की पहेली
आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। यहाँ एक वाक्य दिया गया है। आपको पता करना है कि इसका क्या अर्थ है-
येला मालथ येला घौलशं।
नोट – छात्र / छात्राएँ दी गई पहेली को स्वयं बूझें।

खोजबीन के लिए
नीचे दी गई रचनाओं को पुस्तक में दिए गए क्यू. आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें-
छात्र / छात्राएँ क्यू. आर. कोड (QR Code) की सहायता से स्वयं करें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास
पत्र से
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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प्रश्न 4
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प्रश्न 5
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प्रश्न 6
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पत्र से आगे
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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प्रश्न 4
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अनुमान और कल्पना
हर चीज़ के निर्माण की एक कहानी होती है, जैसे मकान के निर्माण की कहानी-कुरसी, गद्दे, रजाई के निर्माण की कहानी हो सकती है। इसी तरह वायुयान, साइकिल अथवा अन्य किसी यंत्र के निर्माण की कहानी भी होती है। कल्पना करो यदि रसगुल्ला अपने निर्माण की कहानी सुनाने लगे कि पहले दूध था, उसे दूध से छेना बनाया गया, उसे गोल आकार दिया गया। चीनी की चाशनी में डालकर पकाया गया। फिर उसका नाम पड़ा रसगुल्ला।
तुम भी किसी चीज़ के निर्माण की कहानी लिख सकते हो, इसके लिए तुम्हें अनुमान और कल्पना के साथ उस चीज़ के बारे में कुछ जानकारी एकत्र करनी होगी।
उत्तर-
रोटी की कहानी
मैं हूँ रोटी, सो, मैं अपने बारे में तुम्हें कहानी सुनाती हूँ। मुझे पहले खेतों में गेहूँ के रूप में बोया गया। फिर मैं पौधे के रूप में अंकुरित हुआ। फिर मुझमें अनाज़ की बालियाँ लगीं। बालियों को पकने पर काट लिया गया। साफ़-सफ़ाई कर मेरा नाम गेहूँ पड़ गया। मुझे दुकानदारों को बेचा गया। जब मुझे चक्की में पीसो गया तो मेरा नया नाम आटा रखा गया। इसके बाद लोगों ने मुझे खरीदा। घर से जाकर मुझे आवश्यकतानुसार पानी के साथ गुँथा गया। फिर गोले बनाकर, बेलकर मुझे तवे पर या किसी तंदूर में सेका। उसके बाद मैं फूल कर कुप्पा हो गई। फिर यहाँ मेरा नाम रोटी पड़ा।
भाषा की बात
प्रश्न 1
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इन चारों क्रियाओं का अंतर समझाने के लिए इनसे वाक्य बनाओ।
उत्तर-
इन चारों क्रिया शब्दों के अर्थ में बहुत अंतर है।
लुढ़कना – दवा की शीशी अलमारी से लुढ़क गई।
ढकेलना – राघव ने मोहन को सीढ़ियों से ढकेल दिया।
गिरना – किताब टेबल से नीचे गिर गई।
खिसकना – माधव ने खिसककर मुझे बैठने की जगह दी।
प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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कुछ करने को
सुननी और देखना
अन्य पाठेतर हल प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
(क) “संसार पुस्तक है’ पाठ के लेखक कौन हैं?
(i) प्रेमचंद
(ii) विनय महाजन
(iii) पं० जवाहरलाल नेहरू
(iv) कृष्णा सोबती
(ख) नेहरू जी ने यह पत्र किसको लिखा था?
(i) भारत के बच्चों को
(ii) अपनी पुत्री इंदिरा को
(iii) भारत के साहित्यकारों को
(iv) धार्मिक नेताओं को
(ग) लेखक के पत्रों का संकलन किस नाम से है?
(i) भारत एक खोज
(ii) संसार पुस्तक है।
(iii) संसार एक रंग-मंच
(iv) पिता के पत्र पुत्री के नाम
(घ) लेखक ने प्रकृति के अक्षर किसे कहा है?
(i) पहाड़ों को
(ii) नदी और मैदानों को
(iii) पक्षियों और पेड़ों को
(iv) उपर्युक्त सभी
(ङ) किसी भाषा को सीखने के लिए सबसे पहले क्या सीखना होता है?
(i) वर्ण
(ii) शब्द
(iii) वाक्य
(iv) शब्दांश
(क) (ii)
(ख) (ii)
(ग) (iv)
(घ) (iv)
(ङ) (iv)
अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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प्रश्न 4
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प्रश्न 5
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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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