NCERT Solutions • Class 6 Hindi (Malhar - मल्हार) |
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परीक्षा Class 6th Hindi Malhar Chapter 10 Question Answer
परीक्षा Class 6 Question Answer
पाठ से
मेरी समझ से
(क) आपकी समझ से नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है ? उसके सामने तारा (★) बनाइए-
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर:
शीर्षक
(क) आपने जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम प्रेमचंद ने ‘परीक्षा’ रखा है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि उन्होंने इस कहानी का यह नाम क्यों दिया होगा ? अपने उत्तर के कारण भी लिखिए।
उत्तर:
‘प्रेमचंद’ ने कहानी का नाम ‘परीक्षा’ रखा। इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं-
(ख) यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा, यह भी बताइए?
उत्तर:
पंक्तियों पर चर्चा
कहानी में से चुनकर यहाँ कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया ? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
“इस पद के लिए ऐसे पुरुष की आवश्यकता थी, जिसके हृदय में दया हो और साथ-साथ आत्मबल। हृदय वह जो उदार हो, आत्मबल वह जो आपत्ति का वीरता के साथ सामना करे। ऐसे गुणवाले संसार में कम हैं और जो हैं, वे कीर्ति और मान के शिखर पर बैठे हैं। ” हुए
उत्तर:
दीवान सुजानसिंह ने कहा कि दीवान पद के लिए एक ऐसे योग्य व्यक्ति की आवश्यकता थी जो परोपकारी हो, जिसके मन में दुखी व गरीब लोगों के लिए दया का भाव हो। उन्होंने कहा जो व्यक्ति अपने स्वयं के बल पर भरोसा रखता हो और जो हर परिस्थिति में अपनी वीरता से अपने गुणों का प्रमाण देता हो। वो संसार में यश कमाता है। उसकी सदैव प्रसिद्धि फैलती है और ऐसे गुणवान व्यक्ति संसार में बहुत कम होते हैं।
सोच-विचार के लिए
कहानी को एक बार फिर से पढ़िए, निम्नलिखित के बारे में पता लगाइए और लिखिए-
प्रश्न (क) नौकरी की चाह में आए लोगों ने नौकरी पाने के लिए कौन-कौन से प्रयत्न किए?
उत्तर:
नौकरी की चाह में आए लोगों ने अपना अच्छा रूप दिखाने का प्रयास किया, देर से उठने वाले प्रातः काल उठने लगे, नौकरों की नाक में दम करने वाले नौकरों से प्यार से बोलने लगे और किताबों से घृणा करने वाले बड़े-बड़े ग्रंथ पढ़ने का दिखावा करने लगे।
(ख) “उसे किसान की सूरत देखते ही सब बातें ज्ञात हो गई। ” खिलाड़ी को कौन-कौन सी बातें पता चल गई?
उत्तर:
जब खिलाड़ी ने किसान को गाड़ी सहित नाले में फँसा देखा तो वह किसान की सूरत देखकर समझ गया कि यह गाड़ी नाले से निकाल नहीं पा रहा और बहुत देर से परेशान है तथा दुखी है।
(ग) “मगर उन आँखों में सत्कार था, इन आँखों में ईर्ष्या।” किनकी आँखों में सत्कार था और किनकी आँखों में ईर्ष्या थी? क्यों?
उत्तर:
युवक की उदारता के कारण उसे दीवानी का पद मिला, जिसके कारण सुजानसिंह और अन्य दरबारियों की आँखों में युवक के प्रति सत्कार की भावना थी परंतु अन्य उम्मीदवारों की आँखों में ईर्ष्या थी क्योंकि उन्हें यह पद नहीं मिला था।
खोजबीन
कहानी में से वे वाक्य खोजकर लिखिए जिनसे पता चलता है कि-
(क) शायद युवक बूढ़े किसान की असलियत पहचान गया था।
उत्तर:
“युवक ने किसान की तरफ गौर से देखा। उसके मन में एक संदेह हुआ, क्या यह सुजानसिंह तो नहीं हैं? आवाज मिलती है, चेहरा-मोहरा भी वही। ”
(ख) नौकरी के लिए आए लोग किसी तरह बस नौकरी पा लेना चाहते थे।
उत्तर:
” जिससे बात कीजिए, वह नम्रता और सदाचार का देवता बना मालूम देता था लोग समझते थे कि एक महीने का झंझट है, किसी तरह काट लें, कहीं कार्य सिद्ध हो गया तो कौन पूछता है ?”
कहानी की रचना
“ लोग पसीने से तर हो गए। खून की गरमी आँख और चेहरे से झलक रही थी। ”
इन वाक्यों को पढ़कर आँखों के सामने थकान से चूर खिलाड़ियों का चित्र दिखाई देने लगता है। यह चित्रात्मक भाषा है। ध्यान देंगे तो इस पाठ में ऐसी और भी अनेक विशेष बातें आपको दिखाई देंगी।
कहानी को एक बार ध्यान से पढ़िए। आपको इस कहानी में और कौन-कौन-सी विशेष बातें दिखाई दे रही हैं? अपने समूह में मिलकर उनकी सूची बनाइए।
उत्तर:
जब किसी पंक्ति को पढ़कर चित्र आँखों के आगे आने लगे तो वहाँ चित्रात्मकता होती है। पाठ में निम्न पंक्तियों में चित्रात्मकता प्रस्तुत होती है-

समस्या और समाधानं
इस कहानी में कुछ समस्याएँ हैं और उसके समाधान भी हैं। कहानी को एक बार फिर से पढ़कर बताइए कि –
(क) महाराज के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने इसका क्या समाधान खोजा ?
उत्तर:
महाराज के सामने समस्या थी कि उनकी रियासत के दीवान सुजानसिंह ने दीवानी पद से त्यागपत्र देने की बात कही थी।
राजा ने समस्या का यह समाधान खोजा कि यदि दीवान जी पद छोड़ना चाहते हैं तो उन्हें ही इस राज्य के लिए योग्य दीवान खोजकर देना होगा तब वे पद छोड़ सकते हैं।
(ख) दीवान के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने इसका क्या समाधान खोजा?
उत्तर:
दीवान के सामने योग्य उम्मीदवार खोजने की समस्या थी। इसके लिए उन्होंने विज्ञापन निकलवाया और उसमें लिखा कि शिक्षा नहीं अपितु आचार, व्यवहार और गुणों को एक महीने तक परखकर उम्मीदवार चुना जाएगा।
(ग) नौकरी के लिए आए लोगों के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने इसका क्या समाधान खोजा?
उत्तर:
नौकरी के लिए आए लोगों को अच्छा बनकर दिखाना था इसके लिए उन्होंने झूठा दिखावा शुरू कर दिया। उन्होंने मीठा और नम्र व्यवहार शुरू कर दिया। प्रात:काल उठना, पुस्तकें पढ़ना इत्यादि दिखावा शुरू कर दिया।
मन के भाव
“स्वार्थथा,मदथा, मगरउदारताऔरवात्सल्यका नाम भी न था। ”
इस वाक्य में कुछ शब्दों के नीचे रेखा खिंची हुई है। ये सभी नाम हैं, लेकिन दिखाई देने वाली वस्तुओं, व्यक्तियों या जगहों के नाम नहीं हैं। ये सभी शब्द मन के भावों के नाम हैं। आप अपनी कहानी में से ऐसे ही अन्य नामों को खोजकर नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखिए।
उत्तर:


अभिनय
कहानी में युवक और किसान की बातचीत संवादों के रूप में दी गई है। यह भी बताया गया है कि उन दोनों ने ये बातें कैसे बोलीं। अपने समूह के साथ मिलकर तैयार कीजिए और कहानी के इस भाग को कक्षा में अभिनय के द्वारा प्रस्तुत कीजिए। प्रत्येक समूह से अभिनेता या अभिनेत्री कक्षा में सामने आएँगे और एक-एक संवाद अभिनय के साथ बोलकर दिखाएँगे।
उत्तर:
अध्यापिका की मदद से छात्र – संवाद रचना कर अभिनय कौशल का प्रदर्शन करें।
विशेष- ‘इससे छात्रों की अभिव्यक्ति क्षमता पुष्ट होती है। ‘

विपरीतार्थक शब्द
“ विद्या का कम, परंतु कर्तव्य का अधिक विचार किया जाएगा।”
‘कम’ का विपरीत अर्थ देने वाला शब्द है ‘अधिक’। इसी प्रकार के कुछ विपरीतार्थक शब्द नीचे दिए गए हैं लेकिन वे आमने-सामने नहीं हैं। रेखाएँ खींचकर विपरीतार्थक शब्दों के सही जोड़े बनाइए-

स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
Question 1 (1)
आना | 1. निर्दयी |
2. गुण | 2. निराशा |
3. आदर | 3. जीत |
4. स्वस्थ | 4. अवगुण |
5. कम | 5. अस्वस्थ |
6. दयालु | 6. अधिक |
7. योग्य | 7. जाना |
8. हार | 8. अयोग्य |
9. आशा | 9. अनादर |
2. → 4
3. → 9
4. → 5
5. → 6
6. → 1
7. → 8
8. → 3
9. → 2
कहावत
“ गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।”
यह वाक्य एक कहावत है। इसका अर्थ है कि कोशिश करने पर ही सफलता मिलती है। ऐसी ही एक और कहावत है, ” जिन खोजा तिन पाइयाँ गहरे पानी पैठ ” अर्थात परिश्रम का फल अवश्य मिलता है।
कहावतें ऐसे वाक्य होते हैं जिन्हें लोग अपनी बात को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रयोग करते हैं। आपके घर और पास-पड़ोस में भी लोग अनेक कहावतों का उपयोग करते होंगे।
नीचे कुछ कहावतें और उनके भावार्थ दिए गए हैं। आप इन कहावतों को कहानी से जोड़कर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
(संकेत – विज्ञापन में तो एक नौकरी की बात कही गई थी, लेकिन उम्मीदवार आ गए हजारों। इसे कहते हैं – एक अनार सौ बीमार।)
उत्तर:
पाठ से आगे
अनुमान या कल्पना से
(क) “ दूसरे दिन देश के प्रसिद्ध पत्रों में यह विज्ञापन निकला ”
देश के प्रसिद्ध पत्रों में नौकरी का विज्ञापन किसने निकलवाया होगा? आपको ऐसा क्यों लगता है?
उत्तर:
देश के प्रसिद्ध पत्रों में दीवान सुजानसिंह जी ने विज्ञापन निकलवाया होगा क्योंकि नए दीवान को चुनने की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी और इसी के लिए उन्होंने यह उपाय सोचा होगा।
(ख) “इस विज्ञापन ने सारे में मुल्क तहलका मचा दिया ”।
विज्ञापन ने पूरे देश में तहलका क्यों मचा दिया होगा ?
उत्तर:
विज्ञापन में रियासत के नए दीवान के चयन के बारे में लिखा था कि दीवान का चयन किसी शिक्षा की डिग्री के आधार पर नहीं अपितु, आचार-व्यवहार के आधार पर होगा। लोगों को ऐसे ऊँचे पद में किसी प्रकार का बंधन नहीं दिखा। इसीलिए सबमें खुशी से तहलका मच गया।
विज्ञापन – विज्ञापन संबंधी कार्य छात्र अध्यापिका की सहायता से स्वयं करें। यह रचना कौशल से संबंधित कार्य है।
विज्ञापन
“दूसरे दिन देश के प्रसिद्ध पत्रों में यह विज्ञापन निकला कि देवगढ़ के लिए एक सुयोग्य दीवान की ज़रूरत है।”
(क) कहानी में इस विज्ञापन की सामग्री को पढ़िए। इसके बाद अपने समूह में मिलकर इस विज्ञापन को अपनी कल्पना का उपयोग करते हुए बनाइए।
(संकेत— विज्ञापन बनाने के लिए आप एक चौकोर कागज़ पर हाशिया बनाइए। इसके बाद इस हाशिए के भीतर के खाली स्थान पर सुंदर लिखाई, चित्रों, रंगों आदि की सहायता से सभी आवश्यक जानकारी लिख दीजिए। आप बिना रंगों या चित्रों के भी विज्ञापन बना सकते हैं।)
(ख) आपने भी अपने आस-पास दीवारों पर, समाचार-पत्रों में या पत्रिकाओं में, मोबाइल फोन या दूरदर्शन पर अनेक विज्ञापन देखे होंगे। अपने किसी मनपसंद विज्ञापन को याद कीजिए। आपको वह अच्छा क्यों लगता है? सोचकर अपने समूह में बताइए। अपने ‘समूह के बिंदुओं को लिख लीजिए।
(ग) विज्ञापनों से लाभ होते हैं, हानि होती हैं, या दोनों? अपने समूह में चर्चा कीजिए और चर्चा
के बिंदु लिखकर कक्षा में साझा कीजिए।
आगे की कहानी
प्रश्न:
‘परीक्षा’ कहानी जहाँ समाप्त होती है, उसके आगे क्या हुआ होगा। आगे की कहानी अपनी कल्पना से बनाइए।
उत्तर:
कहानी का अंत इस बात पर हुआ कि पंडित जानकीनाथ को सुजानसिंह ने दीवान घोषित कर उनकी अच्छाई सबको बताई। इसके बाद सभी पंडित जानकीनाथ की जय जयकार करने लगे। राजा ने भी उन्हें दीवान के पद पर नियुक्त कर बहुत से उपहार दिए। सुजानसिंह का भव्य विदाई समारोह हुआ और सभी प्रजा ने अपने प्रिय दीवान सुजानसिंह को नम आँखों से विदाई दी। साथ ही नए दीवान पंडित जानकीनाथ को भी स्वीकार किया। जानकीनाथ भी पहले दीवान की ही भाँति प्रजा का ध्यान रखते हुए कार्य करने लगे।
आपकी बात
(क) यदि कहानी में दीवान साहब के स्थान पर आप होते तो योग्य व्यक्ति को कैसे चुनते ?
उत्तर:
यदि हम दीवान के स्थान पर रहते तो हम उम्मीदवारों को कोई समस्या बताकर उसका हल ढूँढ़ने के लिए कहते साथ ही उनके समक्ष न्याय के कुछ मुकदमे बनाकर पेश करते और परखते कि वे कैसे न्याय कर रहे हैं। साथ ही ज्ञान के कुछ प्रश्न भी पूछ सकते थे।
(ख) यदि आपको कक्षा का मॉनिटर चुनने के लिए कहा जाए तो आप उसे कैसे चुनेंगे? उसमें किन-किन गुणों को देखेंगे? गुणों की परख के लिए क्या-क्या करेंगे?
उत्तर:
यदि मुझे कक्षा का मॉनिटर चुनने के लिए कहा जाए तो मैं कक्षा में उस बच्चे का चुनाव करूँगा जो पढ़ने में अच्छा हो, सबसे प्यार से बात करता हो, पढ़ाई में और काम पूरा करने में दूसरों की सहायता करता हो। इसके लिए हम उसे कुछ दिन मॉनिटर का कार्य देकर परख भी सकते हैं।
नया – पुराना
“कोई नए फैशन का प्रेमी, कोई पुरानी सादगी पर मिटा हुआ।”
हमारे आस-पास अनेक वस्तुएँ ऐसी हैं जिन्हें लोग नया फैशन या पुराना चलन कहकर दो भागों में बाँट देते हैं। जो वस्तु आपके माता- -पिता या दादा-दादी के लिए नई हो, हो सकता है वह आपके लिए पुरानी हो, या जो उनके लिए पुरानी हो, वह आपके लिए नई हो। अपने परिवार या परिजनों से चर्चा करके नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए-

मेरे लिए नई वस्तुएँ | मेरे लिए पुरानी वस्तुएँ | परिवार के बड़ों के लिए नई वस्तुएँ | परिवार के बड़ों के लिए पुरानी वस्तुएँ |

मेरे लिए नई वस्तुएँ | मेरे लिए पुरानी वस्तुएँ | परिवार के बड़ों के लिए नई वस्तुएँ | परिवार के बड़ों के लिए पुरानी वस्तुएँ |
रोबोट | फोन | कंप्यूटर | रेडियो |
रॉकेट | टी.वी. | मोबाइल | 5 पैसे |
पुराने नोट व सिक्के | स्कूटर | कार | लट्टू |
संदूक | बैट्री से चलने वाले खिलौने | चॉकलेट | खट्टी-मीठी गोलियाँ |
हवाई जहाज | ताँगा |
वाद-विवाद
“आपस में हॉकी का खेल हो जाए। यह भी तो आखिर एक विद्या है। ”
क्या हॉकी जैसा खेल भी विद्या है? इस विषय पर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसे आयोजित करने के लिए कुछ सुझाव आगे दिए गए हैं—
नोट – छात्र ‘रचना कौशल’ का यह विषय अध्यापिका की सहायता से अपने निर्धारित कालांश में समय-सीमा के अंतर्गत करें।
अच्छाई और दिखावा
“हर एक मनुष्य अपने जीवन को अपनी बुद्धि के अनुसार अच्छे रूप में दिखाने की कोशिश करता था। ”
अपने समूह में निम्नलिखित पर चर्चा कीजिए और चर्चा के बिंदु अपनी लेखन – पुस्तिका में लिख लीजिए-
(क) हर व्यक्ति अपनी बुद्धि के अनुसार स्वयं को अच्छा दिखाने की कोशिश करता है। स्वयं को अच्छा दिखाने के लिए लोग क्या-क्या करते हैं? ( संकेत – मेहनत करना, कसरत करना, साफ़-सुथरे रहना आदि)
उत्तर:
लोग अपने को अच्छा दिखाने के लिए नए फैशन के कपड़े पहनते हैं। सबसे मीठा बोलने का प्रयास करते हैं। कसरत करके अपने शरीर को हष्ट- ट-पुष्ट बनाते हैं। सभी मेहनत करके खूब धन कमाते हैं और समाज में अपनी पहचान बनाते हैं।
(ख) क्या ‘स्वयं को अच्छा दिखाने में और ‘स्वयं के अच्छा होने’ में कोई अंतर है? कैसे?
उत्तर:
हाँ स्वयं को अच्छा दिखाने में और स्वयं अच्छा होने में बहुत अंतर है। कुछ लोग अपने धन, बल और चालाकी से अच्छा बनने का दिखावा करते हैं और समाज में अपना महत्व स्थापित करते हैं। जबकि जो स्वयं अच्छे होते हैं वे सबके सामने सामान्य व्यवहार करते हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरों पर उपकार करते हैं, दूसरों की मदद करते हैं तथा हमेशा सबके साथ प्रेम से रहते हैं।
परिधान तरह-तरह के
“कोट उतार डाला ”
‘कोट’ एक परिधान का नाम है। कुछ अन्य परिधानों के नाम और चित्र नीचे दिए गए हैं। परिधानों के नामों को इनके सही चित्र के साथ मिलाइए। इन्हें आपके घर में क्या कहते हैं? ‘लिखिए-
उत्तर:


आपकी परीक्षाएँ
हम सभी अपने जीवन में अनेक प्रकार की परीक्षाएँ लेते और देते हैं। आप अपने अनुभवों के आधार पर कुछ परीक्षाओं के उदाहरण बताइए | यह भी बताइए कि किसने, कब, कैसे और क्यों वह परीक्षा ली।
(संकेत- जैसे, किसी को विश्वास दिलाने के लिए उसके सामने साइकिल चलाकर दिखाना, स्कूल या घर पर कोई परीक्षा देना, किसी को किसी काम की चुनौती देना आदि। )
उत्तर:
एक बार मैं पिकनिक पर गया। वहाँ रस्सी के सहारे सब नीचे उतर रहे थे और पहाड़ी पर चढ़ रहे थे। सब जानते थे कि मैं ऊँचाई से डरता हूँ। परंतु सभी को विश्वास दिलाने के लिए मैं भी उस रस्सी के सहारे पहाड़ी पर चढ़ा। ये मेरे लिए चुनौती थी। परंतु मैंने हिम्मत से इसे पूरा किया। जब मैं पहाड़ी के ऊपर पहुँच गया तो सबने मेरी तारीफ़ की। मैं हिम्मत की परीक्षा में पास हो गया था।
आज की पहेली
आज आपकी एक रोचक परीक्षा है। यहाँ दिए गए चित्र एक जैसे हैं या भिन्न? इन चित्रों में कुछ अंतर हैं। देखते हैं आप कितने अंतर कितनी जल्दी खोज पाते हैं।


झरोखे से
पाठ में दिए गए क्यू.आर. कोड के माध्यम से आप एक और कहानी पढ़ेंगे। इस कहानी में भी कोई किसी की परीक्षा ले रहा है। यह कहानी हमारे देश के बहुत होनहार बालक और उसके गुरु चाणक्य के बारे में है। इसे हिंदी के प्रसिद्ध लेखक जयशंकर प्रसाद ने लिखा है।
खोजबीन के लिए
पुस्तक में दिए गए क्यू. आर. कोड की सहायता से आप प्रेमचंद के बारे में और जान-समझ सकते हैं, साथ ही उनकी अन्य कहानियों का आनंद भी उठा सकते हैं-
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास
कविता से
प्रश्न 1
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(ख) राजा जी की मृत्यु के उपरांत रानी झाँसी के ऊपर एक के बाद एक विपत्ति आने लगी। अंग्रेजों की नीति थी कि वे नि:संतान राजा की मृत्यु के बाद उस राज्य पर अपना अधिकार कर लेते थे। रानी के जीवन में दुख का अंधकार छा गया। इसलिए काली घटा घिरने की बात कही गई है।
प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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उनका नाम इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया। उनका बचपन हमारे बचपन से इस मायने में अलग थी कि वह हमारे समान सामान्य खेल-कूदों में वह नहीं उलझी रहती थी। बचपन में बरछी, ढाल, कृपाण जैसे हथियार ही उनकी सहेली थे। शिवाजी की वीरता की कहानी याद थी। इसके विपरीत हमारे बचपन में हथियार नाम की कोई चीज नहीं है। हम वीडियो गेम्स, कंप्यूटर, बिजली वाले खिलौने से खेलते हैं। राष्ट्रीय गीत भी हमें याद है।
प्रश्न 4
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अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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खोजबीन
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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भाषा की बात
प्रश्न 1
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पढ़ने को
परियोजना
अन्य पाठेतर हल प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
(क) ‘झाँसी की रानी’ कविता किसने लिखी है?
(i) लक्ष्मीबाई
(ii) सुभद्रा कुमारी चौहान
(iii) सुमित्रानंदन पंत
(iv) केदारनाथ अग्रवाल
(ख) रानी लक्ष्मीबाई किसकी मुँहबोली बहन थी?
(i) अजीमुल्ला खाँ
(ii) अहमदशाह
(iii) कुँवर सिंह
(iv) नाना धुंधूपंत पेशवा
(ग) कवयित्री ने झाँसी की रानी की कथा किसके मुँह से सुनी थी?
(i) मराठों के
(ii) बुंदेलों के
(iii) अपने अध्यापक के
(iv) कवियों के
(घ) नाना साहब कहाँ के रहने वाले थे?
(i) इलाहाबाद।
(ii) झाँसी
(iii) कानपुर
(iv) ग्वालियर
(ङ) लक्ष्मीबाई का प्रिय खेल था?
(i) नकली युद्ध करना
(ii) व्यूह की रचना करना, शिकार करना
(iii) सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना
(iv) उपर्युक्त सभी
(क) (ii)
(ख) (iv)
(ग) (ii)
(घ) (iii)
(ङ) (iv)
अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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प्रश्न 4
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प्रश्न 5
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लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1
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प्रश्न 2
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प्रश्न 3
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प्रश्न 4
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