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NCERT Solutions for Class 7 hindi Chapter 10: Class 7 Hindi Chapter 10

15 Solved Questions & Exercises25 min estimated readingUpdated 2026-09-16
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NCERT Solutions • Class 7 Hindi (Malhar - मल्हार)
Chapter 10: Class 7 Hindi Chapter 10
Latest Rationalised Syllabus (NEP 2026-27)

Teachers encourage the use ofMalhar Chapter 10 मीरा के पद कविता के प्रश्न उत्तर Question Answer for better language learning.

NCERT Class 7th Hindi Chapter 10 मीरा के पद Question Answer

मीरा के पद Class 7 Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 10 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi मीरा के पद Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 1

प्रश्न 1


“बसो मेरे नैनन में नंदलाल” पद में मीरा किनसे विनती कर रही हैं ?

Solution:
प्रश्न 2


“बसो मेरे नैनन में नंदलाल ” पद का मुख्य विषय क्या है?

Solution:

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 2

प्रश्न 3


“बरसे बदरिया सावन की ” पद में कौन-सी ऋतु का वर्णन किया गया है ?

Solution:
प्रश्न 4


“बरसे बदरिया सावन की” पद को पढ़कर ऐसा लगता है, जैसे मीरा-

Solution:

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग- अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर:

मिलकर करें मिलान

• पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

उत्तर:
1. – 4
2. – 3
3. – 2
4. – 1

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 3

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें पढ़कर आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।

(क) “नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, शीतल पवन सोहावन की।।”
उत्तर:
प्रस्तुत पंक्ति में प्रकृति के सौंदर्य और भक्ति को दर्शाया गया है।। इस पंक्ति द्वारा वर्षा और शीतल हवा के माध्यम से मीराबाई के अंतर्म की स्थिति व्यक्त हुई है। जैसे वर्षा और शीतल हवा से धरती पुलकित हो उठती है, वैसे ही मीराबाई के मन में प्रभु श्रीकृष्ण से मिलने की आशा पुलकित हो रही है।

(ख) “मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वछल गोपाल।।”
उत्तर:
दी गई इस पंक्ति में मीराबाई अपने आराध्य श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान कर रही हैं। वे कहती हैं कि मेरे प्रभु सच्चे भक्तों को अपनाकर उन्हें सुख प्रदान करते हैं और उनकी हर पीड़ा दूर करते हैं। वे प्रेम और करुणा के सागर हैं और अपने भक्तों पर अत्यंत स्नेह रखते हैं।

सोच-विचार के लिए

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 4

पाठ को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) पहले पद में श्रीकृष्ण के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
उत्तर:
मीराबाई के इस पद में उनके आराध्य श्रीकृष्ण के रूप, गुण तथा भक्तों के प्रति उनके अनन्य स्नेह को अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण तरीके से वर्णित किया गया है।

उनका रूप मोहक तथा सूरत साँवली है। उनके नेत्र विशाल तथा करुणामयी हैं। उनके होठों पर अमृत रस बरसाने वाली मुरली सुशोभित है। हृदय पर वैजयंती पौधे के बीजों की माला सज रही है। उनकी कमर पर छोटी-छोटी घंटियों वाली करधनी शोभायमान है तथा पैरों पर मन को मोहने वाले मधुर ध्वनि करने वाले घुँघरू बँधे हैं। वे भक्तों पर अपार स्नेह रखने वाले मीरा के आराध्य प्रभु हैं।

(ख) दूसरे पद में सावन के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
उत्तर:
दूसरे पद में अत्यंत मनमोहक, आनंददायक और भावनात्मक रूप से सावन को चित्रित किया गया है। सावन का वर्णन न केवल प्राकृतिक रूप से किया गया है अपितु इसे भक्ति और श्रीकृष्ण की प्रतीक्षा से भी जोड़कर देखा गया है। सावन में बादल छा जाते हैं और वर्षा होने लगती है। यह ऋतु मन को आनंदित करती है। सावन के दौरान बादल उमड़ते-घुमड़ते सभी दिशाओं से आ जाते हैं। इस समय बिजली भी कड़कती रहती है, बारिश की नन्हीं-नन्हीं बूँदों की झड़ी लग जाती है तथा ठंडी – शीतल हवा बहती हुई सुहावनी लगती है।

कविता की रचना

“मीरा के प्रभु संतन सुखदाई”
“मीरा के प्रभु गिरधरनागर”

इन दोनों पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों में मीरा ने अपने नाम का उल्लेख किया है। मीरा के समय के अनेक कवि अपनी रचना के अंत में अपने नाम को सम्मिलित कर दिया करते थे। आज भी कुछ कवि अपना नाम कविता में जोड़ देते हैं।

आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। (जैसे- कविता में छोटी-छोटी पंक्तियाँ हैं। श्रीकृष्ण के लिए अलग-अलग नामों का प्रयोग किया गया है आदि।)

(क) इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस पाठ की विशेषताओं की सूची बनाइए।
उत्तर:

(ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी अपने समूह की सूची को सबके साथ साझा करेंगे।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 5

(क) मान लीजिए कि बादलों ने मीरा को श्रीकृष्ण के आने का संदेश सुनाया है। आपको क्या लगता है कि उन्होंने क्या कहा होगा? कैसे कहा होगा?
उत्तर:
बादलों ने अपनी गड़गड़ाहट के साथ मीरा को श्रीकृष्ण के आने का संदेश दिया होगा कि – मीरा, प्रभु बस थोड़ी देर में आ जाएँगे। हम यहाँ आकर मात्र तुम्हें संकेत दे रहे हैं। अपने आने की बात उन्होंने स्वयं हमसे कही थी। हमारे द्वारा बरसाई गई बूँदें तुम्हारे मन- मंदिर में उमंग की किरण बनकर तुम्हें पुलकित करने आई हैं। मीरा, उठो और अपने द्वार सजा लो क्योंकि तुम्हारे प्रभु अब अधिक दूर नहीं हैं।

(ख) यदि आपको मीरा से बातचीत करने का अवसर मिल जाए तो आप उनसे क्या-क्या कहेंगे और क्या-क्या पूछेंगे ?
उत्तर:
मैं मीरा से कहूँगी कि आपके पदों को गाकर या सुनकर हम सभी का हृदय वर्तमान युग में भी मंत्रमुग्ध हो उठता है। आपने भक्ति को निर्भयता दी, कृष्ण – प्रेम को गहराई प्रदान की तथा आत्मा को ईश्वर से जोड़ने का प्रयास किया। कृष्ण-भक्ति के प्रति आपका निष्काम भाव हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।

मैं उनसे पूछँगी-

शब्दों के रूप

अगले पृष्ठ पर शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों
और साथियों की सहायता भी ले सकते हैं।

(पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या- 132 पर अगले पृष्ठ पर शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और साथियों की सहायता भी ले सकते हैं।)

(क) “मोहनि मूरति साँवरि सूरति, नैना बने विशाल।”

• इस पंक्ति में ‘साँवरि’ शब्द आया है। इसके स्थान पर अधिकतर ‘साँवली’ शब्द का प्रयोग किया जाता है। इस पद में ऐसे कुछ और शब्द हैं, जिन्हें आप कुछ अलग रूप में लिखते और बोलते होंगे। नीचे ऐसे ही कुछ अन्य शब्द दिए गए हैं। इन्हें आप जिस रूप में बोलते-लिखते हैं, उस तरह से लिखिए।

Solution:

शब्द से जुड़े शब्द

• नीचे दिए गए स्थानों में श्रीकृष्ण से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए-

उत्तर:

(विद्यार्थी समूह में चर्चा कर अन्य शब्द भी लिख सकते हैं।)

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 6

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 7

पंक्ति से पंक्ति

• नीचे स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए-

उत्तर:
1. – 2
2. – 5
3. – 4
4. – 3
5. – 1

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 8

कविता का सौंदर्य

“बरसे बदरियासावन की।”

• इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। क्या आपको कोई विशेष बात दिखाई थी ?
इस पंक्ति में ‘बरसे’ और ‘बदरिया’ दोनों शब्द साथ- साथ आए हैं और दोनों ‘ब’ वर्ण से शुरू हो रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो इस पंक्ति में ‘ब’ वर्ण की आवृत्ति हो रही है। इस कारण यह पंक्ति और भी अधिक सुंदर बन गई है। पाठ में से इस प्रकार के अन्य उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
पाठ में आए ऐसे अन्य उदाहरण-

रूप बदलकर

• पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए। उदाहरण के लिए ‘सावन के बादल बरस रहे हैं…’ या ‘सावन की बदरिया बरसती है…’ आदि।
उत्तर:
सावन के बादल बरस रहे हैं। सावन का मौसम मन को भाने वाला होता है। ऐसे आनंदमय समय में मीरा का मन भी उमंगित हो रहा है क्योंकि उन्हें श्रीकृष्ण के आने का आभास हो रहा है। चारों दिशाओं से आकर उमड़ते-घुमड़ते बादल छा गए है। इस दौरान बिजली भी बहुत तेज़ कड़क रही है। जैसे वह बारिश की झड़ी लगाने वाली हो। नन्हीं-नन्हीं बूँदों के रूप में मेघ बरस रहे हैं। साथ ही साथ ठंडी, शीतल हवा भी बह रही है। मीरा अपने प्रभु के मंगल आगमन के गीत गा रही हैं क्योंकि उनके लिए यह केवल सावन का मौसम भर नहीं, अपितु प्रभु से मिलने की अनुभूति है।

मुहावरे

“बसो मेरे नैनन में नंदलाल। ‘
नैनों या आँखों में बस जाना एक मुहावरा है, जब हमें कोई व्यक्ति या वस्तु इतनी अधिक प्रिय लगने लगती है कि उसका ध्यान हर समय मन में बना रहने लगता है तब हम इस मुहावरे का प्रयोग करते हैं, जैसे उसकी छवि मेरी आँखों में बस गई है। ऐसा ही एक अन्य मुहावरा है- आँखों में घर करना।

• नीचे आँखों से जुड़े कुछ और मुहावरे दिए गए हैं। अपने परिजनों, साथियों, शिक्षकों, पुस्तकालय और इंटरनेट की सहायता से इनके अर्थ समझिए और इनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 9

Solution:

सबकी प्रस्तुति

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 10

पाठ के किसी एक पद को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर अलग-अलग तरीके से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए, उदाहरण के लिए-

Solution:

विद्यार्थी अलग-अलग तरीके से किसी एक पद की कंक्षा के सामने समूह-प्रस्तुति करें।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) “बरसे बदरिया सावन की ”

Solution:

(ख) “बसो मेरे नैनन में नंदलाल ”
इस पद में मीरा श्रीकृष्ण को ‘संतों को सुख देने वाला ‘ और ‘भक्तों का पालन करने वाला’ कहती हैं।

Question 1 (1)

क्या आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जो सदैव आपकी सहायता करता है और आपको आनंदित करता है? विस्तार से बताइए।

2. कवयित्री ने पाठ में ‘नूपुर’ और ‘क्षुद्र घंटिका” जैसे उदाहरणों का प्रयोग किया है। किसी का वर्णन करने के लिए हम केवल बड़ी-बड़ी ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातें भी बता सकते हैं। आप भी अपने आस-पास के किसी व्यक्ति या वस्तु का वर्णन करते हुए उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दीजिए और उन्हें लिखिए।

Solution:
1. मेरे जीवन में मेरी माता जी ऐसी व्यक्ति हैं जो सदैव मेरी मदद करती हैं और मुझे आनंदित करती हैं। वे मेरी हर बात समझती हैं। जब मैं विद्यालय में कुछ भूल जाती हूँ या किसी विषय में मेरे कम अंक आते हैं तो वे मुझे डाँटने के बजाय प्यार से समझाती हैं कि मैं अपने भीतर कैसे सुधार करूँ। मेरे बीमार होने पर वे मेरी बहुत अच्छे से देखभाल करती हैं। मेरी माँ मेरे साथ खेल भी खेलती हैं तथा मुझे घुमाने भी ले जाती हैं। वे मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं।
Question 2 (2)

विद्यार्थी अपने आस-पास के किसी व्यक्ति या वस्तु जुड़ी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हुए उसका वर्णन करें।

विशेषताएँ

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 11

“मोहनि मूरति साँवरि सूरति, नैना बने विशाल।”

(क) इस पंक्ति में कवयित्री ने श्रीकृष्ण की मोहनी मूरत, साँवरी सूरत और विशाल नैनों की बात की है। आपको श्रीकृष्ण की कौन-कौन सी बातों ने सबसे अधिक आकर्षित किया ?

Solution:
मुझे श्रीकृष्ण की जिन बातों ने सबसे अधिक आकर्षित किया, वे हैं- उनके होंठों पर सुशोभित अमृत रस बरसाने वाली मुरली, हृदय पर सजी वैजयंती पौधे के बीजों की माला, उनके पैरों के नूपुरों की ध्वनि तथा संतों एवं अपने भक्तों को स्नेह प्रदान करने वाले उनके विशाल हृदय।

(ख) किसी व्यक्ति या वस्तु का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक आकर्षित करता है? क्यों? अपनी जीवन से जुड़े किसी व्यक्ति या वस्तु के उदाहरण से बताइए।
उत्तर:
मुझे किसी व्यक्ति की सच्चाई, अपनापन, संवेदनशीलता जैसे गुण सबसे अधिक आकर्षित करते हैं।

(विद्यार्थी अपने जीवन से जुड़े किसी वस्तु / व्यक्ति का उदाहरण स्वयं देंगे।)

(ग) हम सबकी
कुछ विशेषताएँ बाह्य तो कुछ आंतरिक होती हैं। बाह्य विशेषताएँ तो हमें दिखाई दे जाती हैं, लेकिन आंतरिक विशेषताएँ व्यक्ति के व्यवहार से पता चलती हैं। आप अपनी दोनों प्रकार की विशेषताओं के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी अपनी आंतरिक व बाह्य विशेषताओं के दो-दो उदाहरण स्वयं देंगे; जैसे- आंतरिक स्वभाव – जिज्ञासु, ईमानदार, संवेदनशील, मेहनती आदि। बाह्य स्वभाव-मृदुभाषी, हँसमुख होना, उत्साह बनाए रखने वाला आदि।

मधुर ध्वनियाँ

“अधरसुधारसमुरलीराजति, उर वैजंती माल।।
क्षुद्रघंटिकाकटितट सोभित,नूपुरशब्द रसाल।”

इन पंक्तियों में तीन ऐसी वस्तुओं के नाम आए हैं, जिनमें मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। उन वस्तुओं के नाम पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए।
मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न करने वाले कुछ वायंत्रों के विषय में पहेलियाँ दी गई हैं। इन्हें पहचानकर सही चित्रों के साथ रेखा खींचकर मिलाइए-

उत्तर:

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 12

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 13

चित्र करते हैं बातें

• नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए-

(चित्र पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या- 137 पर देखें।)
यह मीरा का काँगड़ा शैली में बना चित्र है। इस चित्र के आधार पर मीरा के संबंध में एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर:
मीरा का यह चित्र काँगड़ा शैली में बिना है। यह शैली अपनी विशिष्टता और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। इस चित्र में मीरा को एक विशिष्ट मुद्रा में दिखाया गया है, जो उनकी भक्ति और आध्यात्मिकता को दर्शाता है।

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 14

काँगड़ा शैली अपनी कोमल रेखाओं, सुंदर रंगों और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों के लिए जानी जाती है। इस शैली में जब मीराबाई को चित्रित किया जाता है, तो वे केवल एक संत कवयित्री के रूप में नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति की सजीव मूर्ति के रूप में प्रस्तुत होती हैं।

इस शैली के चित्रों में मीराबाई को प्रायः गेरुए वस्त्र में दिखाया जाता है, हाथों में एक तानपूरा, आँखों में विरह की तड़प और श्रीकृष्ण के दर्शन की अभिलाषा होती है। यह चित्र न केवल एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रस्तुत करता है, बल्कि भक्ति, प्रेम और आत्मसमर्पण की भावना को भी जीवंत कर देता है।

सावन से जुड़े गीत

• अपने परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से सावन में गाए जाने वाले गीतों को ढूँढ़िए और किसी एक गीत को अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए। आप सावन से जुड़ा कोई भी लोकगीत, खेलगीत, कविता आदि लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित गीतों को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

खोजबीन

• आपने पढ़ा कि मीरा श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं। आपने कक्षा 6 की पुस्तक मल्हार में पढ़ा कि सूरदास भी श्रीकृष्ण के भक्त थे। अपने समूह के साथ मिलकर सूरदास की कुछ रचनाएँ ढूँढ़कर कक्षा में सुनाइए। इसके लिए आप पुस्तकालय और इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं।
उत्तर:
विद्यार्थी पुस्तकालय या इंटरनेट से अपने समूह में सूरदास की कुछ रचनाएँ ढूँढ़कर कक्षा में सुनाएँगे।

आज की पहेली

• पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनकी अंतिम ध्वनि से मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्द वर्ग में से खोजिए और लिखिए-

उत्तर:

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 15

Class 7 Hindi Chapter 10 Diagram 16

खोजबीन के लिए

नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके आप कवयित्री मीरा के बारे में और जान-समझ सकते हैं-

(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक में दिए गए लिंक की सहायता से कवयित्री मीरा के बारे में विस्तार से समझें।)

पाठ से
प्रश्न 1.
यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए तोत्तो-चान ने अथक प्रयास क्यों किया? लिखिए।
उत्तर-
यासुकी-चान तोत्तो-चान का प्रिय मित्र था। वह पोलियोग्रस्त था, इसलिए वह पेड़ पर नहीं चढ़ सकता था, जबकि जापान के शहर तोमोए में हर बच्चे का एक निजी पेड़ था, लेकिन यासुकी-चान ने शारीरिक अपंगता के कारण किसी पेड़ को निजी नहीं बनाया था। तोत्तो-चान की अपनी इच्छा थी कि वह यासुकी-चान को अपने पेड़ पर आमंत्रित कर दुनिया की सारी चीजें दिखाए। यही कारण था कि उसने यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए अथक प्रयास किया।

प्रश्न 2


दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अलग थे। दोनों में क्या अंतर रहे? लिखिए।   [Imp.]
उत्तर
दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से पेड़ पर चढ़ने की सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकीचान को अपूर्व अनुभव मिला। इन दोनों के अपूर्व अनुभव का अंतर निम्न रूप में कह सकते हैं

तोत्तो-चान-तोत्तो-चान स्वयं तो रोज़ ही अपने निजी पेड़ पर चढ़ती थी। लेकिन पोलियो से ग्रस्त अपने मित्र यासुकी-चान को पेड़ की द्विशाखा तक पहुँचाने से उसे अपूर्व आत्म-संतुष्टि व खुशी प्राप्त हुई क्योंकि उसके इस जोखिम भरे कार्य से यासुकी-चान को अत्यधिक प्रसन्नता मिली। मित्र को प्रसन्न करने में ही वह प्रसन्न थी।

यासुकी-चान-यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़कर अपूर्व खुशी मिली। उसके मन की चाह पूरी हो गई। पेड़ पर चढ़ना तो दूर वह तो निजी पेड़ बनाने के लिए भी शारीरिक रूप से सक्षम न था। उसे ऐसा सुख पहले कभी न मिला था।

प्रश्न 3


पाठ में खोजकर देखिए-कब सूरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार, इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है?
उत्तर-
पहली सीढ़ी से यासुकी-चान का पेड़ पर चढ़ने का प्रयास जब असफल हो जाता है तो तोत्तो-चान तिपाई-सीढी खींचकर लाई। अपने अथक प्रयास से उसे ऊपर चढ़ाने का प्रयास करने लगी तो दोनों तेज़ धूप में पसीने से तरबतर हो रहे थे। दोनों के इस अथक संघर्ष के बीच बादल का एक टुकड़ा छायाकर उन्हें कड़कती धूप से बचाने लगा। उन दोनों की मदद के लिए वहाँ कोई नहीं था। संभवतः इसीलिए प्रकृति को उन दोनों पर दया आ गई थी और थोड़ी खुशी और राहत देन का कोशिश कर रहा था।

प्रश्न 4


‘यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह………अंतिम मौका था।’ इस अधूरे वाक्य को पूरा कीजिए और लिखकर बताइए कि लेखिका ने ऐसा क्यों लिखा होगा?
उत्तर-
‘यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह अंतिम मौका था’ लेखिका ने ऐसा इसलिए लिखा क्योंकि यासुकी-चान पोलियो ग्रस्त था। उसके लिए पेड़ पर चढ़ जाना असंभव था। उसे आगे तोत्तो-चान जैसा मित्र मिल पाना मुश्किल था। तोत्तो-चान के अथक परिश्रम और साहस के बदौलत वह पहली बार पेड़ पर चढ़ पाया था। यह अवसर मिलना और कभी असंभव था। अगर उनके माता-पिता को इसकी जानकारी मिल जाती तो कभी यह काम करने नहीं देते। शायद दोबारा ऐसा कभी नहीं कर पाते।

पाठ से आगे

प्रश्न 1


तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से इसलिए छिपा लिया कि उसमें जोखिम था, यासुकी-चान के गिर जाने की संभावना थी। फिर भी उसके मन में यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने की इच्छा थी। ऐसी दृढ़ इच्छाएँ बुधि और कठोर परिश्रम से अवश्य पूरी हो जाती हैं। आप किस तरह की सफलता के लिए तीव्र इच्छा और वृद्धि का उपयोग कर कठोर परिश्रम करना चाहते हैं?
उत्तर-
किसी भी काम में सफलता पाने के लिए तीव्र इच्छा, लगन, कठोर परिश्रम, की आवश्यकता होती है। छात्र परीक्षा में उच्च कोटि की सफलता प्राप्त करने के लिए इनका उपयोग करें तथा छात्र स्वयं अपने-अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रश्न 2


हम अकसर बहादुरी के बड़े-बड़े कारनामों के बारे में सुनते रहते हैं, लेकिन ‘अपूर्व अनुभव’, कहानी एक मामूली बहादुरी और जोखिम की ओर हमारा ध्यान खींचती है। यदि आपको अपने आसपास के संसार में कोई रोमांचकारी अनुभव प्राप्त करना हो तो कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर
विद्यार्थियों द्वारा स्वयं किए जाने वाला प्रश्न है।

अनुमान और कल्पना

प्रश्न 1


अपनी माँ से झूठ बोलते समय तोत्तो-चाने की नज़रें नीचे क्यों थीं?   [Imp.]
उत्तर
तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को अपने पेड़ पर आमंत्रित किया था। यह बात उसने अपनी माँ से छिपाई थी क्योंकि उसे मालूम था कि माँ यह जोखिम भरा कार्य नहीं करने देगी। जब माँ ने उससे पूछा कि वह कहाँ जा रही है तो उसने झूठ कहा कि वह यासुकी-चान से मिलने उसके घर जा रही है। यह कहते समय उसकी नज़रें नीची थीं क्योंकि वह माँ से झूठ बोल रही थी। उसे डर था कि शायद वह माँ से नजरें मिलाकर जब यह बात कहेगी तो उसका झूठ पकड़ा जाएगा।

प्रश्न 2


यासुकी-चान जैसे शारीरिक चुनौतियों से गुजरने वाले व्यक्तियों के लिए चढ़ने-उतरने की सुविधाएँ हर जगह नहीं होतीं। लेकिन कुछ जगहों पर ऐसी सुविधाएँ दिखाई देती हैं। उन सुविधा वाली जगहों की सूची बनाइए।
उत्तर-
विद्यालयों मैं अपंग बच्चों के लिए रेप बना रखे हैं। मैट्रो रेल में भी अपंगों को चढ़ने-उतरने के लिए विशेष प्रकार की लिफ्ट लगा रखी है। अस्पतालों में व्हील चेयर होती है। हवाई अड्डों पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।

भाषा की बात

प्रश्न 1


विशाखा शब्द दिव और शाखा के योग से बना है। दिव का अर्थ है-दो और शाखा का अर्थ है-डाल। विशाखा पेड़ के तने का वह भाग है जहाँ से दो मोटी-मोटी डालियाँ एक साथ निकलती है। वि की भाँति आप त्रि से बनने वाला शब्द त्रिकोण जानते होंगे। ‘त्रि’ का अर्थ होता है तीन। इस प्रकार चार, पाँच, छह, सात, आठ, नौ और संख्यावाची संस्कृत शब्द उपयोग में अक्सर आते हैं। इन संख्यावाची शब्दों की जानकारी प्राप्त कीजिए और देखिए कि वह क्या इन शब्दों की ध्वनियाँ अंग्रेज़ी संख्या के नामों से कुछ-कुछ मिलती-जुलती हैं, जैसे- हिंदी-आठ संस्कृति-अष्ट, अंग्रेज़ी एट।
उत्तर-

हिंदी

संस्कृत

अंग्रेजी

दो

दू्वि

दू

तीन

त्रि

थ्री

पाँच

पंच

फाइव

छह

षष्ट

सिक्स

सात

सप्त

सेवन

नौ

नवम्

नाइन

प्रश्न 2


पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।
उत्तर
घराना, चलाना, जुर्माना, रोजाना, शर्माना।

अन्य पाठेतर हल प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
(क) बच्चे किसे अपनी संपत्ति मानते थे?
(i) स्वयं को
(ii) पेड़ को
(iii) अपनी जगह को
(iv) किसी को नहीं

(ख) यासुकी-चान को क्या रोग था?
(i) पोलियो का
(ii) पेड़ पर चढ़ने के लिए
(iii) आपस में मिलने के लिए
(iv) कहीं चलने के लिए

(ग) तोत्तो-चान किस काम को आसान समझ रही थी?
(i) यासुकी-चान के साथ खेलना
(ii) सीढ़ी लाना
(iii) यासुकी-चान के साथ रहना
(iv) यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाना

(घ) यासुकी-चान का घर इनमें से कहाँ था?
(i) तोमोए में
(ii) डेनेनवोफु में
(iii) कुहोन्बसु में
(iv) हिरोशिमा में

(ङ) तोत्तो-चान ने अपनी योजना का सच सर्वप्रथम किसे बताया?
(i) यासुकी-चान को
(ii) अपनी माँ को
(iii) यासुकी-चान की माँ को
(iv) रॉकी को

(च) तोत्तो-चान यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने का कौन-सा तरीका अपना रही थी?
(i) धक्के लगाकर
(ii) हाथ से ऊपर की ओर खींचकर
(iii) सीढ़ी पर धकियाकर
(iv) पेड़ के तने पर सरकाकर

(छ) दोनों के विशाखा पर पहुँचने पर क्या हुआ?
(i) यासुकी-चान ने तोत्तो-चान को धन्यवाद दिया
(ii) तोतो ने यासुकी-चान का स्वागत किया
(iii) दोनों हँसने लगे
(iv) दोनों बतियाने लगे

(ज) “यह उसकी हार्दिक इच्छा थी’ वाक्य में हार्दिक शब्द है
(i) संज्ञा
(ii) सर्वनाम
(iii) विशेषण
(iv) क्रियाविशेषण

Solution:

(क) (ii)
(ख) (i)
(ग) (iv)
(घ) (ii)
(ङ) (iv)
(च) (iii)
(छ) (ii)
(ज) (iii)

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

(क) तोत्तो-चान ने अपने पेड़ पर चढ़ने का न्योता किसे दिया था?
उत्तर-
तोत्तो-चान ने अपने पेड़ पर चढ़ने का न्योता यासुकी-चान को दिया था।

(ख) किसी पेड़ को यासुकी-चान निजी संपत्ति क्यों नहीं मानता था?
उत्तर-
पेड़ पर चढ़ना और उसके साथ लेखना उसके लिए संभव न था इसलिए वह किसी पेड़ को निजी संपत्ति नहीं मानता था।

(ग) तोत्तो चान के गले में रेल पास क्यों लटक रहा था?
उत्तर-
तोत्तो-चान के गले में रेल पास इसलिए लटक रहा था ताकि उसकी योजना पर किसी को शक न हो।

(घ) बच्चे दूसरे के पेड़ों पर क्यों नहीं चढ़ते थे?
उत्तर-
हर पेड़ किसी न किसी बच्चे की निजी संपत्ति होता था, इसलिए बिना अनुमति के बच्चे दूसरे के पेड़ों पर नहीं चढ़ते थे।

(ङ) यासुकी-चान पेड़ पर क्यों नहीं चढ़ पाता था?
उत्तर-
यासुकी-चान को पोलियो था, इसलिए वह किसी पेड़ पर नहीं चढ़ पाता था।

(च) तोत्तो-चान को यासुकी-चान कहाँ मिला?
उत्तर-
उसे यासुकी-चान मैदान में क्यारियों के पास मिला था।

लघु उत्तरीय प्रश्न

(क) तोत्तो-चान किस उद्देश्य से घर से निकली थी?
उत्तर-
तोत्तो-चान अपने पोलियोग्रस्त मित्र यासुकी-चान से मिलने स्कूल जा रही थी। तोत्तो-चान ने उससे वादा किया था कि वह उसे अपने पेड़ पर चढ़ाएगी। इसी वायदे को पूरा करने के लिए वह घर से निकली थी।

(ख) तोत्तो-चान सच बताए बिना क्यों नहीं रह सकी।
उत्तर-
झूठ बोलने के अपराध बोध के कारण तोत्तो-चान बेचैन थी। वह सच बोले बिना नहीं रह सकी। स्टेशन तक उसे छोड़ने आए राकी को अंत में उसने बता दिया कि वह आज यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने वाली है।

(ग) तोत्तो-चान कौन थी? उसकी हार्दिक इच्छा क्या थी?
उत्तर-
तोत्तो-चान एक जापानी लड़की थी। इसकी हार्दिक इच्छा थी कि उसका अपंग मित्र यासुकी-चान उसके पेड़ पर जाकर उसकी चीज़ों एवं दुनिया को देखें।

(घ) तोत्तो-चान विशाखा पर खड़ी क्या कर रही थी?
उत्तर-
तोत्तो-चान विशाखा पर खड़ी यासुकी-चान की तिपाई-सीढ़ी को ऊपर पेड़ की ओर खींचने का प्रयास कर रही थी।

(ङ) तोत्तो-चान क्या नहीं समझ पाई ?
उत्तर-
तोत्तो-चान यह नहीं समझ पाई कि यासुकी-चान के लिए घर बैठे किसी चीज़ को देख लेना क्या मायने रखता है, क्योंकि उसे यासुकी-चान की परेशानियों का सही अनुमान नहीं था।

(च) तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाकर ही दम लिया। इसके लिए उसने क्या-क्या प्रयास किया?
उत्तर-
सीढी द्वारा यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाने की अपनी प्रथम कोशिश नाकाम होने के बाद, तोत्तो-चान फिर चौकीदार के छप्पर की ओर दौड़कर गई। यहाँ से एक तिपाई-सीढ़ी घसीट लाई। उसने यासुकी-चान को एक-एक पैर सीढ़ी रखने में सहायता की। जब यासुकी-चान तिपाई सीढ़ी के ऊपर पहुँच गया तो तोत्तो-चान ने दुविशाखा पर चढ़कर बड़े परिश्रम से उसे ऊपर खींच लिया जिससे वह विशाखा तक पहुँच गया।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

(क) पेड़ पर बैठे-बैठे यासुकी-चान और तोत्तो-चान क्या करते रहे?
उत्तर-
उस दिन यासुकी-चान डाल के सहारे खड़ा था। कुछ झिझकता हुआ वह मुसकराया। यासुकी-चान ने दुनिया की एक नई झलक देखी, जिसे उसने पहले कभी नहीं देखा था। तो ऐसे होता है पेड़ पर चढ़ना यासुकी-चान ने खुश होते हुए कहा। इसके अलावे वे बड़ी देर तक पेड़ पर बैठे-बैठे इधर-उधर की गप्पे लड़ाते रहे। यासुकी-चान ने तोत्तो-चान को टेलीविजन के बारे में बताया, जिसके बारे में उसे अपनी अमेरिका में रहने वाली बहन से पता चला था। उसने तोत्तो-चान को बताया था कि जब टेलीविजन जापान में आ जाएगा तो वे घर बैठे सूमो कुश्ती देख सकेंगे। यासुकी-चान यही सारी बातें पेड़ पर बैठा-बैठा तोत्तो-चान को बताए जा रहा था और तोत्तो-चान सोच रही थी कि इतने बड़े सूमो, पहलवान, एक छोटे से डिब्बे जैसे टेलीविजन में कैसे अंदर प्रवेश कर गए।

मूल्यपरक प्रश्न

(क) विकलांगों के प्रति हमारी सोच कैसी होनी चाहिए? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
विकलांग हमारे समाज के आवश्यक अंग हैं। उन्हें सम्मानपूर्वक जीने का पूरा-पूरा अधिकार है। हमें उन पर सहानुभूति दिखाने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण कोशिश करना चाहिए। हमें उनके साथ कुछ समय बिताना चाहिए ताकि उन्हें अकेलापन का अहसास न हो। उनके प्रति हमारा विशेष उत्तरदायित्व है। उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएँ मिलनी चाहिए।

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