BoardExams.in
Class 8science hindiCBSE 2026-27

NCERT Solutions for Class 8 science hindi Chapter 10: Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium)

15 Solved Questions & Exercises12 min estimated readingUpdated 2026-09-16
Top Sponsor / Ad Space

CBSE 2026-27 Board Exam Preparation & Practice Papers

Free Chapter Notes & Question Bank by BoardExams.in

NCERT Class 8 Science (Curiosity Hindi Medium - जिज्ञासा) Solutions
Chapter 10: Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium)

Chapter-wise Curiosity Class 8 Solutions and Class 8 Science Chapter 10 Question Answer in Hindi Medium प्रकाश दर्पण एवं लेंस are useful for focused study.

Class 8th Science Chapter 10 Question Answer in Hindi Medium

Science Class 8 Chapter 10 Question Answer in Hindi

NCERT Class 8 Science Chapter 10 Question Answer Hindi Medium

जिज्ञासा बनाए रखें (पृष्ठ 166-168)

प्रश्न 1


किसी दर्पण पर आपतित प्रकाश की किरण एवं उसके संगत परिवर्तित किरण चित्र 10.21 में दर्शाई गई है। आपतित किरण दर्पण पर अभिलंब के साथ 40° का कोण बनाती है। परावर्तित किरण और दर्पण के बीच बने कोण का मान कितना होगा?

(i) 40°
(ii) 50°
(iii) 45°
(iv) 60°
उत्तर :
(ii) 50° (जब आपतित किरण दर्पण पर 40° का कोण बनाती है, तो इसे हम आपतन कोण (i) कहते हैं। परावर्तन के नियम के अनुसार, परावर्तित किरण का कोण (r) भी 40° होगा।)
अब, दर्पण की सतह और परावर्तित किरण के बीच का कोण ज्ञात करने के लिए, हमें 90° से परावर्तन कोण घटाना होगा :
90°-r=90°-40°=50°

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 1

प्रश्न 2


चित्र 10.22 में तीन भिन्न स्थितियाँ दर्शाई गई हैं जिनमें प्रकाश किरण एक दर्पण पर आपतित है-

चित्र 10.22
(i) प्रकाश किरण अभिलंब के अनुदिश दर्पण पर आपतित है।
उत्तर :
जब प्रकाश किरण दर्पण पर सीधे, अर्थात् सामान्य रेखा के साथ गिरती है:

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 2

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 3

  • आवर्तन कोण (Angle of incidence) = 0°
  • परावर्तन कोण (Angle of reflection) = 0°

इस स्थिति में, किरण सीधे वापस उसी रेखा पर परावर्तित होती है।

(ii) दर्पण को किसी कोण पर घुमा दिया गया है
किंतु प्रकाश किरण अभी भी इस पर अभिलंब के अनदुश आपतित है।
उत्तर :
जब दर्पण को कोण पर घुमाया गया है, लेकिन प्रकाश किरण अभी भी सामान्य रेखा के साथ गिरती है :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 4

  • आवर्तन कोण = 0°
  • परावर्तन कोण = 0°

यहाँ भी, किरण सीधे वापस उसी रेखा पर परावर्तित होती है, भले ही दर्पण झुका हुआ हो।

(iii) दर्पण को किसी कोण पर घुमा दिया गया है और प्रकाश किरण इस पर अभिलंब से 20° का कोण बनाती हुई आपतित होती है।
उपर्युक्त तीनों स्थितियों में परावर्तित किरण आरेखित कीजिए [(सही आरेख बनाने के लिए रेखनी (रूलर) एवं कोणमापक (प्रोट्रैक्टर) का उपयोग कीजिए)]। प्रत्येक स्थिति के लिए बताइए कि परावर्तन कोण का मान कितना है?
उत्तर :
जब दर्पण को कोण पर घुमाया गया है और प्रकाश किरण सामान्य से 20° का कोण बनाती है :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 5

  • आवर्तन कोण = 20°
  • परावर्तन कोण = 20°

इस स्थिति में, परावर्तित किरण सामान्य के विपरीत दिशा में 20° का कोण बनाती है।

प्रश्न 3


चित्र 10.23 में तीन प्रकार के दर्पणों के सामने स्केच पेन का ढक्कन रखा गया है।

प्रतिबिंब का मिलान सही दर्पण से कीजिए।

उत्तर :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 6

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 7

प्रतिबिंब

दर्पण

(i)

उत्तल दर्पण

(ii)

अवतल दर्पण

(iii)

समतल दर्पण

प्रश्न 4


चित्र 10.24 में एक स्केच पेन के ढक्कन को एक उत्तल लेंस, एक अवतल लेंस और एक समतल काँच पट्टिका के पीछे समान दूरी पर रखिए और प्रतिबिंबों का अवलोकन कीजिए। ये चित्र 10.24 में दर्शाए अनसुर हो सकते हैं।
प्रत्येक प्रतिबिंब का मिलान सही प्रकाशिक युक्ति के साथ कीजिए।

उत्तर :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 8

प्रतिबिंब

प्रकाशिक युक्ति

(i)

उत्तल लेंस

(ii)

अवतल लेंस

(iii)

काँच की समतल पारदर्शी पट्टिका

प्रश्न 5


किसी समतल दर्पण पर प्रकाश अभिलंब के अनुदिश आपतित है। बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है-
(i) आपतन कोण 90° है।
(ii) आपतन कोण 0° है।
(iii) परावतर्न कोण 90° है।
(iv) इस स्थिति में प्रकाश परिवर्तित नहीं होता है।
उत्तर :
(ii) आपतन कोण 0° है। (जब प्रकाश किरण समतल दर्पण पर सीधे आती है, तो उसका आपतन कोण 0° होता है। इस स्थिति में, किरण दर्पण पर परावर्तित नहीं होती है।)

प्रश्न 6


चित्र 10.25 में तीन दर्पण- समतल, अवतल एवं उत्तल रखे गए हैं। किसी ग्राफ पत्रक के दर्पण में बने प्रतिबिंब के आधार पर इन दर्पणों की पहचान कीजिए और चित्र में दर्पणों के ऊपर उनके नाम लिखिए।

उत्तर :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 9

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 10

प्रश्न 7


किसी संग्रहालय में कोई महिला एक विशाल अवतल दर्पण में अपना प्रतिबिंब देखती हुई चल कर उसकी ओर जाती है (चित्र 10.26)।

वह देखेगी कि-
(i) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप घटता जाता है।
(ii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप घटता जाता है।
(iii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है और अंततः यह सीधा तथा आवर्धित हो जाता है।
(iv) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है।
उत्तर :
(iii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है और अंततः यह सीधा तथा आवर्धित हो जाता है।

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 11

प्रश्न 8


एक आवर्धक लेंस को किसी मुद्रित पाठ्यसामग्री के ऊपर लाइए और उस दूरी को पहचानिए जिस पर पाठ्यसामग्री का आमाप बड़ा दिखाई देने लगता है। अब इसे पाठ्यसामग्री से दूर ले जाइए। आप क्या अवलोकन करते हैं?
बताइए आवर्धक लेंस किस प्रकार का लेंस होता है?
उत्तर :
जब आप एक आवर्धक लेंस (उत्तल लेंस) को किसी पाठ्यसामग्री के ऊपर लाते हैं, तो सबसे पहले पाठ्यसामग्री का चित्र बड़ा और स्पष्ट दिखाई देता है। जैसे-जैसे आप लेंस को दूर ले जाते हैं, चित्र पहले बड़ा और धुंधला होता है, फिर उल्टा और छोटा दिखाई देता है।

प्रश्न 9


स्तंभ I की प्रविष्टियों का मिलान स्तंभ II में की गई प्रविष्टियों से कीजिए।

उत्तर :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 12

स्तभ I

स्तभ II

(i) अवतल दर्पण

(क) एक ऐसा गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ भीतर की ओर वक्रित होता है।

(ii) उत्तल दर्पण

(ख) यह सदैव सीधा और आमाप में वस्तु से छोटा प्रतिबिंब बनता है।

(iii) उत्तल लेंस

(ग) इसके पीछे रखी वस्तु कुछ अधिक दूरी पर उल्टी रखी हुई प्रतीत होती है।

(iv) अवतल लेंस

(घ) इसके पीछे रखी वस्तु आमाप में सदैव अपने वास्तविक आमाप से छोटी दिखाई देती है।

प्रश्न 10


निम्नलिखित प्रश्न अभिकथन या कारण पर आधारित है।
अभिकथन- पीछे के यातायात के अवलोकन के लिए उत्तल दर्पणों को वरीयता दी जाती है।
कारण- उत्तल दर्पण समतल दर्पणों की तुलना में सार्थक रूप से व्यापक दृष्टि क्षेत्र प्रदान करता है।
सही विकल्प का चयन कीजिए-
(i) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
(ii) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
(iii) अभिकथन सही है किंतु कारण असत्य है।
(iv) अभिकथन और कारण दोनों असत्य हैं।
उत्तर :
(i) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या : उत्तल दर्पणों का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि वे अधिक क्षेत्र को कवर करते हैं, जिससे हम पीछे के यातायात को बेहतर तरीके से देख सकते हैं।

प्रश्न 11


चित्र 10.27 में O वस्तु, M दर्पण तथा I प्रतिबिंब को निरूपित करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(i) चित्र (क) समतल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है। [ ]
(ii) चित्र (क) उत्तल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है। [ ]
(iii) चित्र (क) अवतल दर्पण तथा चित्र (ख) उत्तल दर्पण निरूपित करता है। [ ]
(iv) चित्र (क) समतल वर्पण तथा चित्र (ख) उत्तल दर्पण निरूपित करता है। [ ]
उत्तर
(ii) चित्र (क) उत्तल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 13

प्रश्न 12


किसी पारदर्शी काँच के गिलास के पीछे एक पेंसिल रखिए (चित्र 10.28 क)। अब गिलास को आधा जल से भरिए (चित्र 10.28 ख) जल भरे भाग से गिलास के पार देखने पर पेंसिल कैसी दिखती है? व्याख्या कीजिए कि इसकी आकृति में परिवर्तन क्यों प्रतीत होता है?

उत्तर :
जब हम एक पारदर्शी काँच के गिलास के पीछे एक पेंसिल रखते हैं और गिलास को आधा पानी से भरते हैं, तो पेंसिल उस स्थान पर जहाँ वह पानी में प्रवेश करती है, मुड़ी हुई या टूटी हुई दिखाई देती है।\
यह परिवर्तन इसलिए होता है क्योंकि जब प्रकाश हवा से पानी में प्रवेश करता है, तो उसकी दिशा बदल जाती है। इसे अपवर्तन कहते हैं। पानी प्रकाश को मोड़ता है, जिससे पेंसिल पानी के नीचे एक अलग स्थिति में दिखाई देती है।

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 14

Class 8 Science Chapter 10 Question Answer in Hindi (Intext)

खोजबीन और विचार करें (पृष्ठ 152)

प्रश्न 1


क्या हम ऐसे दर्पण बना सकते हैं जिनसे आवर्धित अथवा लघुकृत प्रतिबिंब बनते हों?
उत्तर :
हाँ, हम ऐसे दर्पण बना सकते हैं जो आवर्धित या लघुकृत प्रतिबिंब बनाते हैं। अवतल दर्पण हमेशा लघुकृत और उल्टे प्रतिबिंब बनाते हैं, जबकि उत्तल दर्पण हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाते हैं।

प्रश्न 2


वाहनों में लगे पार्श्व-दृश्य दर्पणों पर एक चेतावनी अंकित होती है जिसका हिंदी में अर्थ है – “वस्तुओं के बीच वास्तविक दूरी दर्पण में दिखाई देने वाली दूरी से कम होती है।” उन पर यह चेतावनी क्यों लिखी होती है?
उत्तर :
यह चेतावनी इसलिए लिखी होती है ताकि वाहन चालक समझ सकें कि दर्पण में दिखने वाली वस्तुएँ वास्तव में कितनी दूर हैं।
यदि चालक इस चेतावनी को नजरअंदाज करते हैं, तो वे गलतफहमी में आ सकते हैं और टकराने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए यह चेतावनी सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 3


कुछ ऐनक के लेंसों पर एक वक्र रेखा क्यों होती है?
उत्तर
कुछ ऐनक के लेंसों पर एक वक्र रेखा होती है क्योंकि यह दर्शाती है कि लेंस में दो भाग होते हैं। एक भाग निकट की वस्तुओं को देखने के लिए और दूसरा भाग दूर की वस्तुओं को देखने के लिए होता है।

(पृष्ठ 155)

प्रश्न :
हम अवतल और उत्तल दर्पण में किस प्रकार भेद कर सकते हैं?
उत्तर :

Light Mirrors and Lenses (Hindi Medium) Diagram 15

(पृष्ठ 157)

प्रश्न :
हमने समतल, उत्तल एवं अवतल तीनों प्रकार के दर्पणों में बने प्रतिबिंबों का अवलोकन किया है। किंतु क्या इन प्रतिबिंबों की रचना के कुछ नियम होते हैं?
उत्तर :
हाँ, परावर्तन के नियमों को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ दो मुख्य नियम दिए गए हैं. :
1. आपतन कोण और परावर्तन कोण : जब कोई किरण दर्पण पर गिरती है, तो उसका आपतन कोण (i) और परावर्तन कोण (\mathbf{r}) बराबर होते हैं। यह परावर्तन का पहला नियम है।
2. तल में स्थिति : आपतित किरण, दर्पण का आपतन बिंदु, और परावर्तित किरण सभी एक ही समतल में होते हैं। यह परावर्तन का दूसरा नियम है।

(पृष्ठ 160)

प्रश्न :
क्या परावर्तन के नियम गोलीय दर्पणों पर भी लागू होते हैं?
उत्तर :
हाँ, परावर्तन के नियम सभी प्रकार के दर्पणों पर लागू होते हैं, चाहे वे समतल, अवतल या उत्तल हों।

(पृष्ठ 161)

प्रश्न :
अवतल दर्पण प्रकाश किरणपुंज को अभिसरित करता है तो क्या इससे प्रकाश एक छोटे क्षेत्र में संकेंद्रित नहीं हो जाएगा?=
उत्तर :
अवतल दर्पण प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है, जिससे प्रकाश एक छोटे क्षेत्र में संकेंद्रित हो जाता है। जब सूर्य की किरणें अवतल दर्पण पर पड़ती हैं, तो वे एक बिंदु पर मिलती हैं, जिससे उस बिंदु पर ऊष्मा उत्पन्न होती है।

(पृष्ठ 162)

प्रश्न :
हमने किसी वस्तु के वक्रित दर्पणों द्वारा बने प्रतिबिंबों का अन्वेषण किया। परंतु वक्रित पृष्ठों वाले पारदर्शी पदार्थों के माध्यम से देखने पर वस्तुएँ कैसी दिखाई पड़ती हैं?
उत्तर :
जब हम किसी वस्तु को वक्रित पृष्ठ वाले पारदर्शी पदार्थों, जैसे कि लेंस, के माध्यम से देखते हैं, तो वस्तुएँ अलग तरीके से दिखाई देती हैं। जब हम उत्तल लेंस के माध्यम से देखते हैं, तो वस्तुएँ बड़ी और सीधी दिखाई देती हैं। अवतल लेंस के माध्यम से देखने पर वस्तुएँ हमेशा छोटी और उल्टी दिखाई देती हैं।

(पृष्ठ 163)

वस्तुओं को जब लेंसों के माध्यम से देखा जाता है तो उनमें क्या परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं?
उत्तर :
जब हम किसी वस्तु को उत्तल लेंस के पीछे रखते हैं, तो वह सीधी और आम आकार में बड़ी दिखाई देती है। लेकिन जब वस्तु लेंस से दूर होती है, तो वह उल्टी और छोटी दिखने लगती है।
अवतल लेंस के पीछे रखी वस्तु हमेशा उल्टी और छोटी दिखाई देती है, और जैसे-जैसे लेंस से दूरी बढ़ती है, वस्तु का आकार और भी छोटा होता जाता है।

क्या लेंस भी प्रकाश पुंज को अभिसरित और अपसरित करते हैं?
उत्तर :
हाँ, लेंस प्रकाश को अभिसरित और अपसरित करते हैं। उत्तल लेंस प्रकाश को एक बिंदु पर संकेंद्रित करता है, जबकि अवतल लेंस प्रकाश को फैलाता है। इसलिए, उत्तल लेंस को अभिसारी और अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहा जाता है।

(पृष्ठ 164)

प्रश्न :
क्योंकि उत्तल लेंस प्रकाश को अभिसरित करता है तो क्या इसका उपयोग करके भी कागज को जलाया जा सकता है?
उत्तर :
उत्तल लेंस सूर्य के प्रकाश को एक बिंदु पर अभिसरित करता है। जब हम इसे कागज के ऊपर रखते हैं, तो लेंस सूर्य के प्रकाश को एक छोटे से क्षेत्र में अभिसरित करता है।
यदि कागज इस बिंदु पर रखा जाए, तो उसकी ऊष्मा इतनी होती है कि कागज जलने लगता है।

(पृष्ठ 165)

प्रश्न :
लेंसों का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?
उत्तर :
लेंसों का उपयोग कई जगहों पर होता है, जैसे ऐनक, कैमरे, दूरदर्शी, सूक्ष्मदर्शी, हमारी आँखों में भी लेंस होते हैं, जो दृष्टि में मदद करते हैं।

In-Article Ad Slot

CBSE 2026-27 Board Exam Preparation & Practice Papers

Free Chapter Notes & Question Bank by BoardExams.in