NCERT Class 8 Science (Curiosity Hindi Medium - जिज्ञासा) Solutions
Chapter 2: The Invisible Living World Beyond Our Naked Eye (Hindi Medium)
Chapter-wise Curiosity Class 8 Solutions and Class 8 Science Chapter 2 Question Answer in Hindi Medium अदृश्य जीव-जगत हमारी आँखों की क्षमता से परे are useful for focused study.
Class 8th Science Chapter 2 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 8 Chapter 2 Question Answer in Hindi
NCERT Class 8 Science Chapter 2 Question Answer Hindi Medium
जिझासा बनाए रखें (पृष्ठ 25-26)
कोशिका के विभिन्न भागों के नाम निम्नलिखित हैं। इन्हें निम्नांकित आरेख में उपयुक्त स्थानों पर लिखिए।
केंद्रक: केंद्रक कोशिका का मुख्य भाग है जो सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यह कोशिका की वृद्धि और विकास को भी नियंत्रित करता है।
कोशिकाद्रव्य: कोशिकाद्रव्य वह तरल पदार्थ है जो कोशिका के भीतर होता है। इसमें कोशिका के अन्य घटक जैसे-प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और खनिज लवण होते हैं, जो जैविक प्रक्रियाओं में मदद करते हैं।
हरित लवक: हरित लवक पादप कोशिकाओं में पाया जाता है। यह हरा रंग प्रदान करता है और प्रकाश संश्लेषण में मदद करता है, जिससे पौधे अपना भोजन बनाते हैं।
कोशिका भित्ति: कोशिका भित्ति पादप कोशिकाओं की बाहरी परत है। यह पौधों को मजबूती और दुढ़ता प्रदान करती है, जिससे वे एक-दूसरे के साथ सघन रूप से व्यवस्थित होते हैं।
कोशिका झिल्ली: कोशिका झिल्ली कोशिका को उसके बाहरी वातावरण से अलग करती है। यह एक संध्र परत है जो आवश्यक पदार्थों के प्रवेश और अपशिष्ट पदार्थों के निकास को नियंत्रित करती है।


आनंदी ने दो परखनलियाँ लीं एवं उन्हें ‘क’ और ‘ख’ से चिह्नित किया। उसने प्रत्येक परखनली में दो चम्मच चीनी का घोल डाला। परखनली ‘ख’ में उसने एक चम्मच खमीर (यीस्ट) डॉला। इसके पश्चात उसने प्रत्येक परखनली के मुँह पर दो कम फूले हुए गुब्बारे लगाए। उसने इस व्यवस्थापन को धूप से दूर गरम स्थान पर रखा।

(i) क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि 3-4 घंटे के पश्चात क्या होगा? उसने देखा कि परखनली ‘ख’ से जुड़ा गुब्बारा फूला हुआ था। इसका संभावित स्पष्टीकरण क्या हो सकता है?
(क) परखनली ‘ख’ में पानी वाष्पित हो गया और गुब्बारे में जलवाष्प भर गई।
(ख) गरम वातावरण ने परखनली ‘ख’ के भीतर की हवा को फैला दिया जिससे गुब्बारा फूल गया।
(ग) यीस्ट ने परखनली ‘ख’ के भीतर एक गैस उत्पन्न की जिससे गुब्बारा फूल गया।
(घ) चीनी ने गरम हवा के साथ अभिक्रिया की जिससे गैस उत्पन्न हुई और अंतत: गुब्बारा फूल गया।
उत्तर:
(ग) यीस्ट ने परखनली ‘ख’ के भीतर एक गैस उत्पन्न की जिससे गुब्बारा फूल गया।
व्याख्या: 3-4 घंटे बाद परखनली ‘ख’ से जुड़ा गुब्बारा फूल जाएगा। इसका कारण यह है कि खमीर (यीस्ट) ने चीनी के घोल में किण्वन की प्रक्रिया शुरू की।
(ii) आनंदी ने एक और परखनली ली जो चूने के पानी से 1/4 भरी थी। उसने परखनली ‘ख’ से गुब्बारे को इस तरह निकाला कि गुब्बारे में भरी हुई गैस बाहर न निकले। उसने गुब्बारे को चूने के पानी वाली परखनली से जोड़ा और उसे अच्छी तरह हिलाया। आपके विचार से वह क्या जानना चाहती है?
उत्तर:
आनंदी ने चूने के पानी वाली परखनली से गुब्बारे को जोड़ा और उसे हिलाया ताकि वह यह जान सके कि गुब्बारे में भरी गैस कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) है या नहीं। यह चूने के पानी के साथ प्रतिक्रिया करके दूधिया रंग का हो जाएगा। यह इसलिए होता है क्योंकि CO2 चूने के पानी के साथ मिलकर कैल्शियम कार्बोनेट CaCO3 बनाता है, जो दूधिया दिखता है।
एक किसान अपने खेत में गेहूँ की फसल की बुवाई कर रहा था। उसने फसल की अच्छी उपज पाने के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन समृद्ध उर्वरक डाला। पड़ोस के खेत में एक और किसान सेम की फसल उगा रहा था परंतु उसने स्वस्थ फसल प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन समृद्ध उर्वरक नहीं डाला। क्या आप इसके कारणों पर विचार कर सकते हैं?
उत्तर:
किसान ने गेहूँ की फसल के लिए नाइट्रोजन समृद्ध उर्वरक डाला ताकि मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़े। नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक है। दूसरी ओर, सेम की फसल में राइजोबियम जीवाणु होते हैं, जो हवा से नाइट्रोजन को अवशोषित कर मिट्टी में इसे उपयोगी बनाते हैं। इसलिए, सेम की फसल को उर्वरक की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह खुद ही नाइट्रोजन प्राप्त कर सकती है।
स्नेहल ने अपने बगीचे में दो गड्ढे ‘क’ और ‘ख’ खोदे। गड्ढा ‘क’ में उसने फलों और सब्जियों के छिलके डाले और उन्हें सूखे पत्तों के साथ मिला दिया। गड़ा ‘ख’ में उसने उसी तरह के कचरे को सूखे पत्तों के साथ मिलाए बिना डाल दिया। उसने दोनों गड्ढों को मिट्टी से ढक दिया और 3 सप्ताह बाद देखा। वह क्या जाँचने का प्रयास कर रही है?
उत्तर:
स्नेहल यह जाँचने का प्रयास कर रही है कि सूखे पत्तों के साथ मिलाने से खाद बनाने की प्रक्रिया में क्या फर्क पड़ता है।
इस प्रयोग से वह देखेगी कि गड्ढे ‘क’ में सूक्ष्मजीव, जैसे कवक और जीवाणु, छिलकों को तेजी से खाद में बदलते हैं, जबकि गड्ढे ‘ख’ में यह प्रक्रिया धीमी होगी या नहीं होगी। इससे उसे यह समझने में मदद मिलेगी कि सूक्ष्मजीवों के लिए सही वातावरण कैसे खाद बनाने में सहायक होता है।
निम्नलिखित सूक्ष्मजीवों की पहचान करें-
- मैं प्रत्येक प्रकार के वातावरण में और आपकी आँत में रहता हूँ।
- मैं पावरोटी और केक को मुलायम और फूला हुआ बनाता हूँ।
- मैं दलहनी (फलीदार) फसलों की जड़ों में रहता हूँ और उनकी वृद्धि के लिए पोषक तत्व प्रदान करता हैं।
- जीवाणु
- खमीर
- राइजोबियम
यह जाँचने के लिए एक प्रयोग अभिकल्पित कीजिए कि सूक्ष्मजीवों को अपनी वृद्धि के लिए इष्टतम तापमान, वायु और नमी की आवश्यकता होती है।
उत्तर:
यह प्रयोग सूक्ष्मजीवों की वृद्धि के लिए आवश्यक तापमान, वायु और नमी की जाँच करने का एक अच्छा तरीका है। हम तीन ब्रेड की स्लाइस का उपयोग करेंगे :
- स्लाइस A: इसे गर्म और नम वातावरण में रखा जाएगा, जैसे कि सिंक के पास।
- स्लाइस B: इसे सूखे वातावरण में रखा जाएगा, जैसे कि एक सील किए गए कंटेनर में।
- स्लाइस C: इसे ठंडे वातावरण में रखा जाएगा, जैसे कि फ्रिज में।
अब, तीन दिनों के बाद इन स्लाइसों का अवलोकन करें :
- स्लाइस A में सबसे अधिक सूक्ष्मजीव (फफूँदी) की वृद्धि होगी।
- स्लाइस B में कम वृद्धि होगी क्योंकि यह सूखा है।
- स्लाइस C में भी वृद्धि कम होगी क्योंकि यह ठंडा है।
निष्कर्ष: सूक्ष्मजीव तब सबसे अच्छे से बढ़ते हैं जब तापमान, नमी और वायु की स्थिति आदर्श होती है।
ब्रेड के 2 स्लाइस लीजिए। एक स्लाइस को सिंक के पास एक प्लेट में रखिए। दूसरे स्लाइस को रेफ्रिजरेटर में रखिए। तीन दिन पश्चात दोनों स्लाइसों की तुलना कीजिए। अपने अवलोकनों को अभिलेखित कीजिए। अपने अवलोकनों के कारण बताइए।
उत्तर :
जब आप ब्रेड के एक स्लाइस को सिंक के पास और दूसरे को रेफ्रिजरेटर में रखते हैं, तो तीन दिन बाद आप देखेंगे कि सिंक के पास वाला स्लाइस जल्दी सड़ जाता है और उसमें फफूँदी लग जाती है। जबकि रेफ्रिजरेटर में रखा स्लाइस ताजा रहता है।
इसका कारण यह है कि गरम और नम वातावरण में सूक्ष्मजीव, जैसे कि फफूँदी और जीवाणु, तेजी से बढ़ते हैं। रेफ्रिजरेटर का ठंडा तापमान इन सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है, जिससे ब्रेड लंबे समय तक ताजा रहती है।
एक विद्यार्थी अवलोकन करता है कि जब दही को एक दिन के लिए बाहर रखा जाता है तो वह अधिक खट्टा हो जाता है। इस अवलोकन के दो संभावित स्पष्टीकरण क्या हो सकते हैं?
उत्तर:
जीवाणुओं की वृद्धि: दही में लैक्टोबैसिलस जैसे जीवाणु होते हैं। जब दही को गर्म स्थान पर रखा जाता है, तो ये जीवाणु तेजी से बढ़ते हैं और दूध में मौजूद शर्करा (लैक्टोज) को लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित करते हैं, जिससे दही खट्टा हो जाता है।
तापमान का प्रभाव: गर्म तापमान पर जीवाणुओं की गतिविधि बढ़ जाती है। उच्च तापमान पर ये जीवाणु अधिक सक्रिय होते हैं, जिससे दही जल्दी खट्टा होता है। ठंडे स्थान पर रखने से जीवाणुओं की वृद्धि धीमी हो जाती है, जिससे दही कम खट्टा होता है।
चित्र 2.15 में दिए गए व्यवस्थापन का अवलोकन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(i) फ्लास्क ‘क’ में चीनी के घोल का क्या होता है?
उत्तर:
फ्लास्क ‘क’ में खमीर चीनी के घोल को गर्म स्थिति में किण्वित करता है। इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड गैस और थोड़ी मात्रा में अल्कोहल उत्पन्न होती है।
(ii) चार घंटे पश्चात आप परखनली ‘ख’ में क्या देखते हैं? आपके विचार से ऐसा क्यों हुआ?
उत्तर:
चार घंटे बाद परखनली ‘ख’ में चूने के पानी का रंग दूधिया हो जाता है। यह इसलिए होता है क्योंकि फ्लास्क ‘क’ में उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड गैस परखनली ‘ख’ में पहुँचकर चूने के पानी के साथ प्रतिक्रिया करती है।
(iii) यदि फ्लास्क ‘क’ में यीस्ट न डाला जाए तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि फ्लास्क ‘क’ में यीस्ट नहीं डाला जाए, तो किण्वन प्रक्रिया नहीं होगी। इस कारण कोई कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न नहीं होगी, और परखनली ‘ख’ में चूने का पानी साफ रहेगा।
Class 8 Science Chapter 2 Question Answer in Hindi (Intext)
खोजबीन और विचार करें (पृष्ठ 8)
क्या आपने कभी सोचा है कि यदि आपके आस-पास का अदृश्य संसार दृश्यमान हो जाए तो आप क्या देख पाएँगे?
उत्तर:
यदि हमारे आस-पास का अदृश्य संसार दृश्य हो जाए, तो हम बहुत सारे छोटे जीवों, जैसे जीवाणु, विषाणु को देख पाएँगे। ये जीव हमारे चारों ओर होते हैं, लेकिन हमारी आँखें उन्हें नहीं देख पातीं।
आपको क्या लगता है कि इस अदृश्य संसार का अवलोकन करना- ‘आकार’, ‘जटिलता’ अथवा ‘सजीवों’ के संबंध में आपके सोचने के ढंग को कैसे परिवर्तित कर सकता है?
उत्तर :
अदृश्य जीव-जगत का अवलोकन करने से हमें यह समझ में आता है कि छोटे-छोटे जीव भी बहुत जटिल व्यवहार कर सकते हैं। जैसे कि वे चल सकते हैं, प्रजनन कर सकते हैं और उत्तेजनाओं का उत्तर दे सकते हैं। ये सभी क्रियाएँ यह दर्शाती हैं कि वे जीवित हैं और हमारे लिए महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
क्या आपने कभी सोचा है कि ये सूक्ष्म जीव एक-दूसरे के साथ किस प्रकार परस्पर क्रिया करते हैं?
उत्तर:
सूक्ष्म जीव एक-दूसरे के साथ कई तरीकों से परस्पर क्रिया करते हैं। जैसे, कुछ जीवाणु पौधों की जड़ों में रहते हैं और उन्हें पोषक तत्व प्रदान करते हैं। वहीं, कुछ कवक अन्य जीवों के साथ मिलकर खाद्य पदार्थों को सड़ने से बचाते हैं। ये सभी क्रियाएँ पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।
क्रियाकलाप 2.1 – आइए, अवलोकन करें (पृष्ठ 9)
प्रश्न:
क्या आप जानते हैं कि कौन-सी वैज्ञानिक खोज ने हमें सर्वप्रथम इस सूक्ष्म संसार को देखने में सहायता की?
उत्तर :
हाँ, वैज्ञानिक खोज जो हमें सूक्ष्म संसार को देखने में मदद करती है, वह सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार है। सूक्ष्मदर्शी ने हमें छोटे जीवों और कोशिकाओं को देखने की क्षमता दी, जिन्हें हमारी आँखें नहीं देख सकती थीं।
क्रियाकलाप 2.2- आइए, कोशिका का अध्ययन करें (पृष्ठ 11)
आपको चित्र 2.3 (ग) और 2.3 (घ) में क्या समानताएँ दिखती हैं?
उत्तर:
चित्र 2.3 (ग) और 2.3 (घ) में समानताएँ यह हैं कि दोनों में कोशिकाओं की संरचना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्याज की झिल्ली और ईट की दीवार दोनों ही सघन और मजबूत होती हैं।
आपके विचार से जंतुओं का शरीर किससे बना होता है?
उत्तर:
जंतु का शरीर कोशिकाओं से बना होता है। ये कोशिकाएँ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं और विभिन्न कार्यों के लिए विशेषीकृत होती हैं।
क्रियाकलाप 2.3 – आइए अन्वेषण करें (पृष्ठ 12)
प्रश्न:
क्रियाकलाप 2.2 में प्याज की झिल्ली की कोशिकाओं और क्रियाकलाप 2.3 में मानव कपोल की कोशिकाओं के बीच आपने क्या समानताएँ और भिन्नताएँ देखी?
उत्तर:
समानताएँ: दोनों में कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक होते हैं।
भिन्नताएँ:
- प्याज की कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होती है, जबकि मानव कपोल की कोशिकाओं में यह नहीं होती।
- प्याज की कोशिकाएँ आयताकार होती हैं, जबकि कपोल की कोशिकाएँ गोल या अनियमित आकार की होती हैं।
- प्याज की कोशिकाएँ पौधों की होती हैं, जिनमें हरित लवक हो सकते हैं, जबकि कपोल की कोशिकाएँ जानवरों की होती हैं और इनमें हरित लवक नहीं होते।
(पृष्ठ 13)
प्रश्न:
क्या विभिन्न जंतु कोशिकाएँ भी आकार और संरचना में भिन्न होती हैं?
उत्तर:
हाँ
(पृष्ठ 18)
प्रश्न:
सूक्ष्मजीवों की विविधता हमारे दैनिक जीवन में क्या भूमिका निभाती है? वे पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में कैसे सहायता करते हैं?
उत्तर:
सूक्ष्मजीवों की विविधता हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये जीव खाद्य पदार्थों को सड़ने से रोकते हैं, पौधों की वृद्धि में मदद करते हैं और हमारे शरीर में पाचन में सहायक होते हैं।
पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सूक्ष्मजीव बहुत मदद करते हैं। ये जैविक अपशिष्ट को तोड़ते हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है और प्रदूषण कम होता है।
(पृष्ठ 19)
प्रश्न:
विचार करें कि यदि पृथ्वी पर सूक्ष्मजीव न होते तो क्या होता?
उत्तर:
यदि पृथ्वी पर सूक्ष्मजीव नहीं होते, तो जीवन बहुत कठिन हो जाता। सूक्ष्मजीव खाद्य पदार्थों को सड़ने से रोकते हैं और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हैं। वे जैविक अपशिष्ट को नष्ट करके पर्यावरण को साफ रखते हैं। इसके बिना, खाद्य शृंखला में असंतुलन होता और जीवन का अस्तित्व मुश्किल हो जाता।
क्रियाकलाप 2.9 – आइए, तैयारी करें (पृष्ठ 21)
तालिका 2.4-विभिन्न स्थितियों में दूध का उपयोग करके दही के जमने का परीक्षण

CBSE 2026-27 Board Exam Preparation & Practice Papers
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