NCERT Class 8 Science (Curiosity Hindi Medium - जिज्ञासा) Solutions
Chapter 3: Health The Ultimate Treasure (Hindi Medium)
Chapter-wise Curiosity Class 8 Solutions and Class 8 Science Chapter 3 Question Answer in Hindi Medium स्वास्थ्य एक अमूल्य निधि are useful for focused study.
Class 8th Science Chapter 3 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 8 Chapter 3 Question Answer in Hindi
NCERT Class 8 Science Chapter 3 Question Answer Hindi Medium
जिज्ञासा बनाए रखें (पृष्ठ 42-45)
चित्रों (पाठ्यपुस्तक) में दर्शाए गए रोगों को संचरणीय अथवा असंचरणीय रोगों के रूप में समूहित करें।
उत्तर :
संचरणीय रोग : सर्दी-जुकाम और फ्लू, आंत्र ज्वर (टाइफॉइड), छोटी माता (चिकनपॉक्स)
असंचरणीय रोग : मधुमेह (डायबिटीज), अस्थमा (दमा)

रोगों को व्यापक रूप से संचरणीय और असंचरणीय रोगों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से असंचरणीय रोगों को पहचानिए।
(i) आंत्र ज्वर
(ii) अस्थमा
(iii) मधुमेह
(iv) खसरा
(क) (i) और (ii)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) (i) और (iv)
(घ) (ii) और (iv)
उत्तर :
(ख) (ii) और (iii)
आपके विद्यालय में फ्लू का प्रकोप हुआ है। आपके अनेक सहपाठी अनुपस्थित हैं जबकि कुछ खाँसते और छींकते हुए विद्यालय आ रहे हैं।
(i) संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए विद्यालय द्वारा तत्काल क्या उपाय किए जाने चाहिए?
उत्तर :
- विद्यालय में सफाई का ध्यान रखें।
- सभी छात्रों को मास्क पहनने के लिए कहें।
- छात्रों को हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।
- बीमार छात्रों को घर रहने की सलाह दें।
- कक्षाओं में वेंटिलेशन बढ़ाएँ।
(ii) यदि आपके साथ बेंच पर बैठने वाले सहपाठी में फ्लू के लक्षण दिखने लगे तो आप उन्हें दुःख अथवा ठेस पहुँचाए बिना कैसे प्रतिक्रिया देंगे?
उत्तर :
- उन्हें आराम करने की सलाह दें।
- स्कूल से घर जाने के लिए कहें।
- उनसे मास्क पहनने के लिए कहें।
- उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछें।
- उन्हें मद्द की पेशकश करें।
(iii) इस स्थिति में आप स्वयं को और दूसरों को संक्रमित होने से कैसे बचा सकते हैं?
उत्तर :
- नियमित रूप से हाथ धोएँ।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचें।
- मास्क का उपयोग करें।
- खाँसते या छींकते समय मुँह ढकें।
- स्वस्थ आहार और पर्याप्त नींद लें।
आपका परिवार ऐसे स्थान पर यात्रा की योजना बना रहा है जहाँ मलेरिया का प्रकोप है।
(i) यात्रा से पूर्व, यात्रा के समय और यात्रा के पश्चात आपको कौन-कौन सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर :
यात्रा से पूर्व, यात्रा के समय और यात्रा के पश्चात सावधानियाँ :
- यात्रा से पहले मलेरिया की टीके (वैक्सीन) लगवाएँ।
- मच्छरदानी और मच्छर प्रतिकर्षी का उपयोग करें।
- हल्के रंग के कपड़े पहनें, जो शरीर को ढकें।
- मच्छरों की सक्रियता वाले समय (शाम और सुबह) बाहर न जाएँ।
- यात्रा के बाद स्वास्थ्य जाँच कराएँ।
(ii) आप अपने भाई अथवा बहन को मच्छरदानी या मच्छर प्रतिकर्षी का महत्व कैसे समझाएँगे?
उत्तर :
मच्छरदानी और मच्छर प्रतिकर्षी बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये मलेरिया से बचाते हैं। मच्छरदानी सोते समय मच्छरों को अंदर नहीं आने देती, जबकि प्रतिकर्षी मच्छरों को दूर रखता है।
(iii) यदि ऐसे क्षेत्रों में यात्री स्वास्थ्य सलाह की अनदेखी करते हैं तो क्या हो सकता है?
उत्तर :
स्वास्थ्य सलाह की अनदेखी करने पर क्या हो सकता है :
- मलेरिया का संक्रमण हो सकता है।
- गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
- अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।
- यात्रा का मजा खराब हो सकता है।
- परिवार और दोस्तों को भी खतरा हो सकता है।
आपके चाचाजी ने अपने मित्रों की संगत में पड़कर धूम्रपान करना आरंभ कर दिया है जबकि यह सर्वविदित है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
(i) आप उन्हें ठेस पहुँचाए बिना उनसे ऐसा क्या कहेंगे जिससे कि वे इसे छोड़ दें?
उत्तर :
मैं अपने चाचाजी से कहूँगा, “धूम्रपान से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। क्या आपने सोचा है कि इससे आपकी सेहत और परिवार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?”
(ii) यदि आपके मित्र ने पार्टी में आपको धूम्रपान करने के लिए कहा तो आप क्या करेंगे?
उत्तर :
अगर मेरे मित्र ने पार्टी में धूम्रपान करने के लिए कहा, तो मैं कहूँगा, “नहीं, मैं धूम्रपान नहीं करता। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।”
(iii) विद्यालय ऐसी हानिकारक आदतों से विद्यार्थियों को बचाने में कैसे सहायता कर सकते हैं?
उत्तर :
विद्यालय हानिकारक आदतों से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और स्वास्थ्य शिक्षा का आयोजन कर सकते हैं। इससे छात्रों को सही जानकारी मिलेगी।
सानिया अपनी सखी विनीता से कहती है, “प्रतिजैविक औषधियाँ किसी भी संक्रमण को ठीक कर सकती हैं इसलिए हमें रोगों की चिंता नहीं करनी चाहिए।” विनीता ऐसे कौन-कौन से प्रश्न पूछ सकती हैं जिससे सानिया समझ सके कि उसका कथन गलत है?
उत्तर :
विनीता निम्नलिखित प्रश्न पूछ सकती है :
- “क्या प्रतिजैविक औषधियाँ विषाणु, जैसे फ्लू को ठीक कर सकती हैं?”
- “अगर हम प्रतिजैविक का उपयोग बिना जरूरत के करें तो क्या होगा?”
- “क्या आपको पता है कि कुछ कीटाणु प्रतिजैंचिक के खिलाफ मजबूत हो जाते हैं?”
- “क्या ऐसे रोग हैं जो जीवाणु से नहीं होते, और क्या प्रतिजैविक उनकी मद्द कर सकते हैं?”
निम्नलिखित तालिका में एक वर्ष की अवधि में एक चिकित्सालय में अंकित किए गए डेंगू के मामलों की संख्या की जानकारी दी गई है-
आप एक बार ग्राफ (दंड आलेख) बनाइए जिसमें Y-अक्ष पर मामलों की संख्या और X-अक्ष पर माह के नाम अंकित हों। अपने निष्कर्षों का समीक्षात्मक विश्लेषण कीजिए एवं निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
उत्तर :


(i) किन तीन महीनों में डेंगू के मामले सबसे अधिक थे?
उत्तर :
डेंगू के मामलों की संख्या जुलाई, अगस्त और सितंबर में सबसे अधिक थी। इन महीनों में मामलों की संख्या क्रमशः 65,65 और 65 थी।
(ii) किस महीने अथवा महीनों में मामले सबसे कम थे?
उत्तर :
डेंगू के मामलों की संख्या जनवरी, फरवरी और मार्च में सबसे कम थी। इन महीनों में मामलों की संख्या क्रमशः 10. 12 और 15 थी।
(iii) डेंगू के सर्वाधिक प्रकोप वाले महीनों में कौन-से प्राकृतिक या पर्यावरणीय कारण इसके मामलों में वृद्धि का कारण बन सकते थे?
उत्तर :
डेंगू के प्रकोप वाले महीनों में प्राकृतिक या पर्यावरणीय कारण :
- मानसून का आगमन : बारिश के कारण पानी जमा होता है, जिससे मच्छरों को प्रजनन का स्थान मिलता है।
- उच्च तापमान : गर्मी मच्छरों की गतिविधि को बढ़ाती है. जिससे डेंगू के मामले बढ़ते हैं।
- नमी : अधिक नमी मच्छों के जीवन चक्र को तेज करती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
- स्वच्छता की कमी : गंदगी और कचरे के कारण मच्छरों का प्रजनन स्थान बढ़ता है।
- पर्यावरणीय परिवर्तन : जलवायु परिवर्तन से मच्छरों की प्रजातियों में बदलाव आ सकता है, जिससे नए प्रकोप हो सकते हैं।
(iv) कुछ ऐसे निवारक उपाय सुझाइए जो समुदाय अथवा सरकार द्वारा ऐसे समय से पूर्व किए जा सकते हैं जब डेंगू के मामले सबसे अधिक होते हैं ताकि डेंगू के प्रकोप को कम किया जा सके?
उत्तर :
डेंगू के प्रकोप को कम करनं कं निवारक उपाय :
- स्वच्छता अभियान : गंदगी और कचर को साफ करना, जिससे मच्छरों के प्रजनन के स्थान कम हों।
- जल संचयन : पानी जमा न होने दें, जैसे कि बर्तन, टायर आदि में पानी न रखें।
- मच्छरदानी का उपयोग : सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, ताकि मच्छर काट न सकें।
- मच्छर नाशक का छिड़काव : सरकारी स्तर पर मच्छर नाशक का छिड़काव करना, खासकर बारिश के बाद।
- जन जागरूकता : लोगों को डेंगू के लक्षण और रोकथाम के तरीकों के बारे में जागरूक करना।
कल्पना कीजिए कि आप एक विद्यालय के स्वास्थ्य अभियान के प्रभारी हैं। इस भूमिका में आप संचरणीय और असंचरणीय रोगों को कम करने के लिए कौन-कौन से मुख्य संदेश देंगे?
उत्तर :
संचरणीय रोगों को कम करने के लिए सुझाव :
- हाथ धोना : खाने से पहले और टॉयलेट के बाद साबुन से हाथ धोएँ।
- स्वच्छता बनाए रखें : अपने शरीर, कपड़ों और आस-पास को साफ रखें।
- खाँसते या छींकते समय ढकें : अपने मुँह को खाँसते या छींकते समय ढकें।
- बीमार होने पर घर पर रहें : यदि आप बीमार महसूस करते हैं, तो घर पर रहें।
- स्वच्छ जल और शौचालय का उपयोग करें : साफ पानी और स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें।
असंचरणीय रोगों को कम करने के लिए सुझाव :
- संतुलित आहार लें : फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और साफ पानी का सेवन करें।
- व्यायाम करें : रोजाना खेलें या व्यायाम करें ताकि शरीर फिट रहे।
- अच्छी नींद लें : पर्याप्त नींद लें और तनाव को प्रबंधित करें।
- धूम्रपान और शराब से बचें : धूम्रपान, शराब और हानिकारक आदतों से दूर रहें।
- टीकाकरण कराएँ : समय पर टीकाकरण कराएँ ताकि गंभीर रोगों से बचा जा सके।
यह सलाह दी जाती है कि वायरल संक्रमण, जैसेसर्दी, खाँसी या फ्लू में प्रतिजैविक औषधियाँ न लें। क्या आप इस सलाह के संभावित कारण बता सकते हैं?
उत्तर :
वायरल संक्रमण, जैसे सर्दी, खाँसी या फ्लू, जीवाणु के कारण नहीं होते। ये विषाणु से होते हैं। प्रतिजैविक औषधियाँ केवल बैक्टीरियल संक्रमण के लिए प्रभावी होती हैं। इसलिए, वायरल संक्रमण में इनका उपयांग करने से कोई लाभ नहीं होता और यह शरीर पर नकागत्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
इसलिए, वायरल संक्रमण के लिए आराम करना, पानी पीना और डॉक्टर को सलाह लंना बेहतर होता है।
किसी संक्रमित व्यक्ति के उत्सर्जी पदार्थ द्वारा पेयजल के संदूषित होने पर निम्नलिखित में से कौन-कौन से रोग फैल सकते हैं?
यकृतशोथ (हेपेटाइटिस) ए, क्षयरोग (टीबी), पोलियोमाइलाइटिस, हैजा, चेचक
उत्तर :
यदि पेयजल किसी संक्रमित व्यक्ति के उत्सर्जी पदार्थ (मल) से दूषित हो जाए, तो जलजनित रोग फैल सकते हैं। यकृतशोथ (हेपेटाइटिस) ए, पोलियोमाइलाइटिस, हैजा।
निम्नलिखित रोग इस प्रकार हैं :
- यकृतशोथ (हेपेटाइटिस) ए : यह रोग दूषित पानी पीने से होता है और यकृत (जिगर) को प्रभावित करता है।
- क्षयरोग (टीबी) : यह रोग हवा के माध्यम से फैलता है, लेकिन दूषित पानी भी इसके संक्रमण में योगदान कर सकता है।
- पोलियोमाइलाइटिस : यह एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो दूषित पानी के सेवन से होता है और यह शरीर के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
- हैजा : यह रोग भी दूषित पानी से फैलता है और आँतों में गंभीर संक्रमण पैदा करता है, जिससे दस्त और निर्जलीकरण हो सकता है।
- चेचक : यह एक संक्रामक रोग है, जो आमतौर पर हवा से फैलता है, लेकिन दूषित पानी भी इसके संक्रमण में सहायक हो सकता है।
जब हमारा शरीर किसी रोगजनक ( रोगाणु ) का पहली बार सामना करता है तो हमारी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया
सामान्यत: कम होती है परंतु जब उसी रोगजनक से पुन: सामना होता है तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पहली बार की तुलना में कहीं अधिक प्रबल होती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर :
जब हमारा शरीर किसी रोगजनक का पहली बार सामना करता है, तो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उसे पहचानने और प्रतिक्रिया देने में समय लगाती है। इस दौरान, शरीर में एंटीबॉडीज बनती हैं जो उस रोगजनक को खत्म करने में मद्द करती हैं।
लेकिन जब हम उसी रोगजनक से फिर से संपर्क करते हैं, तो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से तैयार होती है। पहले से बनी एंटीबॉडीज और याददाश्त कोशिकाएँ तुरंत सक्रिय हो जाती हैं, जिससे प्रतिक्रिया तेज और प्रभावी होती है। इसीलिए, दूसरी बार जब हम उसी रोग से संक्रमित होते हैं, तो हमारी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत होती है।
Class 8 Science Chapter 3 Question Answer in Hindi (Intext)
खोजबीन और विचार करें (पृष्ठ 28)
आपका शरीर सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे संक्रमण के प्रति कैसे अनुक्रिया करता है?
उत्तर :
जब शरीर सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे संक्रमण का सामना करता है, तो यह प्रतिरक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रतिक्रिया करता है। प्रतिरक्षा प्रणाली रोगाणुओं को पहचानती है और उनसे लड़ने के लिए प्रतिजैविक औषधियाँ (एंटीबायोटिक्स) बनाती है।
शरीर बुखार, खाँसी और नाक बहने जैसे लक्षणों के जरिए संक्रमण से लड़ता है।
वर्तमान में हम चेचक या पोलियो जैसे रोग कम ही देखते हैं परंतु मधुमेह और हृदय संबंधी रोग अधिक सामान्य हो गए हैं। ऐसा क्यों है?
उत्तर :
मधुमेह और हृदय संबंधी रोग अधिक सामान्य हो गए हैं क्योंकि आजकल की जीवनशैली में अस्वस्थ आहार, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनाव बढ़ गया है। इसके विपरीत, चेचक और पोलियो जैसे रोगों के लिए टीकाकरण किया गया है, जिससे उनकी संख्या कम हुई है।
क्या जलवायु परिवर्तन नए प्रकार के रोगों की उत्पत्ति का कारण बन सकता है?
उत्तर :
जलवायु परिवर्तन नए प्रकार के रोगों की उत्पत्ति का कारण बन सकता है।
- जलवायु परिवर्तन से मौसम में बदलाव होता है, जिससे मच्छरों जैसे कीटों की संख्या बढ़ती है, जो मलेरिया और डेंगू जैसे रोग फैलाते हैं।
- गर्मी और नमी के कारण नए रोगों के जीवाणु और विषाणु का विकास होता है, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ता है।
तनाव या चिंता जैसे संवेग हमें किस प्रकार प्रभावित करते हैं एवं रोगी बनाते हैं?
उत्तर :
- शारीरिक प्रभाव : तनाव से शरीर में हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे हृदय गति तेज होती है और रक्तचाप बढ़ता है। इससे दिल की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
- मानसिक प्रभाव : चिंता और तनाव से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है, जैसे अवसाद और चिंता विकार। ये मानसिक स्थिति हमें बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील बना देती है।
रोग के प्रकोप के समय कुछ वर्गों के लोग दूसरे वर्गों की तुलना में अधिक प्रभावित क्यों होते हैं?
उत्तर :
- स्वास्थ्य और पोषण : कुछ वर्गों के लोग सही पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहते हैं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
- जीवनशैली और पर्यावरण : गरीब वर्गों में जीवनशैली और पर्यावरणीय कारक जैसे गंदगी, वायु प्रदूषण, और भीड़-भाड़ वाले स्थानों में रहना, रोगों के फैलने का कारण बनता है। इससे वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं।
क्रियाकलाप 3.1- आइए, पढें (पृष्ठ 29)
सोचें और विचार करें- विद्यार्थी की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण क्या था?
उत्तर :
विद्यार्थी की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण उसके एकाकीपन और सामाजिक संबंधों की कमी थी। नए विद्यालय में मित्र न होने से वह मानसिक तनाव में था, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक सेहत प्रभावित हुई।
उसकी आदतों और परिवेश ने उसके स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर :
उसकी आदतें, जैसे मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताना, उसे और अधिक अकेला महसूस कराती थीं। इसके परिणामस्वरूप, उसे सिरदर्द, वजन कम होना और नींद की कमी जैसी समस्याएँ हुईं। इस प्रकार, उसका परिवेश और आदतें उसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही थीं।
(पृष्ठ 35)
प्रश्न :
क्या रोग सदैव संक्रमण के कारण होते हैं?
उत्तर :
नहीं, सभी रोग संक्रामक नहीं होते। कुछ रोग, असंक्रामक रोग, जैसे कैंसर, मधुमेह और अस्थमा, जीवनशैली, आहार और पर्यावरण से जुड़े होते हैं। ये रोग लंबे समय तक बने रहते हैं और इनमें संक्रमण का कारण नहीं होता। ये आमतौर पर हॉमोन असंतुलन, अस्वास्थ्यकर खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी से होते हैं।
(पृष्ठ 36)
प्रश्न :
यदि मैं विटामिन और खनिजों का सेवन अधिक मात्रा में करूँ तो क्या होगा?
उत्तर :
यदि आप विटामिन और खनिजों का सेवन अधिक मात्रा में करेंगे, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अधिक मात्रा में लेने से शरीर में विषाक्तता, पाचन समस्याएँ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। संतुलित आहार लेना हमेशा बेहतर होता है।
क्रियाकलाप 3.5 – आइए, सर्वेक्षण करें (पृष्ठ 36)

क्रियाकलाप 3.6 – आइए, पढ़ें (पृष्ठ 37)
प्रश्न :
अपने क्षेत्र में आयोजित ऐसे सामुदायिक अभियानों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए।
उत्तर :
‘स्वच्छ भारत अभियान’ एक बड़ा अभियान है जो पूरे भारत में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानों को साफ रखना है, जिसके लिए शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है और लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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