NCERT Class 8 Science (Curiosity Hindi Medium - जिज्ञासा) Solutions
Chapter 6: Pressure Winds Storms and Cyclones (Hindi Medium)
Chapter-wise Curiosity Class 8 Solutions and Class 8 Science Chapter 6 Question Answer in Hindi Medium दाब, पवन, झंझावात एवं चक्रवात are useful for focused study.
Class 8th Science Chapter 6 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 8 Chapter 6 Question Answer in Hindi
NCERT Class 8 Science Chapter 6 Question Answer Hindi Medium
जिज्ञासा बनाए रखें (पृष्ठ 94-96)
सही विकल्प का चयन कीजिए-
(i) चित्र 6.21 को ध्यानपूर्वक देखिए। पात्र ‘ग’ में जल भरा जा रहा है। जल भरने की प्रक्रिया रोकने पर पात्रों में जलस्तर होगा ______
(क) पात्र ‘क’ में उच्चतम
(ख) पात्र ‘ख’ में उच्चतम
(ग) पात्र ‘ pi ‘ में उच्चतम
(घ) सभी पात्रों में समान
उत्तर :
(घ) सभी पात्रों में समान

(ii) एक रबर चूषक ‘क’ को एक समतल चिकने पृष्ठ पर एवं समान चूषक ‘ख’ को खुरदरे पृष्ठ पर दबाया गया।
(क) ‘क’ और ‘ख’ दोनों ही अपने पृष्ठ से चिपक जाएँगे।
(ख) ‘क’ और ‘ख’ दोनों अपने पृष्ठ से नहीं चिपक्केंगो।
(ग) ‘क’ चिपक जाएगा परंतु ‘ख’ नहीं चिपकेगा।
(घ) ‘क’ नहीं चिपकेगा परंतु ‘ख’ चिपक जाएगा।
उत्तर :
(ग) ‘क’ चिपक जाएगा परंतु ‘ख’ नहीं चिपकेगा।
(iii) किसी भवन की छत पर एक जल की टंकी को H ऊँचाई पर रखा जाता है। भूतल पर जल को अधिक दाब से प्राप्त करने के लिए हमें करना होगा-
(क) जहाँ टंकी रखी है, उस ऊँचाई H को बढ़ा दिया जाए।
(ख) जहाँ टंकी रखी है उस स्थान की ऊँचाई H को कम कर दिया जाए।
(ग) टंकी को समान ऊँचाई वाली दूसरी टंकी जिसमें अधिक जल आ सके. से परिवर्तित कर दिया जाए।
(घ) टंकी को समान ऊँचाई की दूसरी टंकी जिसमें कम जल आ सके, से परिवर्तित कर दिया जाए।
उत्तर :
(क) जहाँ टंकी रखी है. उस ऊँचाई H को बढ़ा दिया जाए।
(iv) दर्शाए गए चित्र 6.22 में दो पात्र ‘क’ और ‘ख’ में समान स्तर तक जल भरा गया। दोनों पात्रों में लगने वाले दाब क्रमश : Pक और Pख तथा बल क्रमशः Fक और Fख में संबंध होगा।

(क) Pक = Pख, Fक = Fख
(ख) Pक = Pख, Fक < Fख
(ग) Pक < Pख, Fक = Fख
(घ) Pक > Pख, Fक > Fख
बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य-
(i) वायु उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर बहती है।
उत्तर : सत्य
(ii) द्रव केवल पात्र के तल पर दाब डालते हैं।
उत्तर :
असत्य (द्रव केवल पात्र के तल पर ही नहीं, बल्कि सभी दिशाओं में दाब डालता है।)
(iii) चक्रवात अक्षि में मौसम झंझावाती होता है।
उत्तर :
असत्य (चक्रवात के केंद्र में मौसम सामान्यतः शांत होता है।)
(iv) तड़ितझंझा के समय हम कार में सुरक्षित रहते हैं।
उत्तर : सत्य।
चित्र 6.23 (क) में रेतीली सतह पर एक लड़के को क्षैतिज रूप से लेटा हुआ दर्शाया गया है और चित्र 6.23 (ख) में लड़के को ऊध्वाधर खड़ा हुआ दर्शाया है। किस स्थिति में लड़का रेत के अंदर अधिक धँसेगा? कारण दीजिए।
उत्तर :
जब लड़का चित्र 6.23 (क) में क्षैतिज रूप से लेटा है, तब उसका वजन रेत की सतह पर फैल जाता है। इससे रेत पर द्वाव कम होता है और वह ज्यादा धँसता नहीं है।
लेकिन जब लड़का चित्र 6.23 (ख) में ऊर्ध्वाधर खड़ा होता है, तब उसका वजन सीधे नीचे की ओर लगता है। इस स्थिति में रेत पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे वह रेत में अधिक धँसता है।
इसलिए, लड़का ऊर्ध्वाधर खड़े होने पर रेत में ज्यादा धँसेगा।

एक हाथी अपने चारों पैरों पर खड़ा है। यदि एक पैर द्वारा घेरे जाने वाला क्षेत्रफल 0.25 m2 है और हाथी का भार 20000 N है तो हाथी द्वारा स्थल पर आरोपित दाब की गणना कीजिए।
उत्तर :
हाथी का वजन F = 20000 N
एक पैर द्वारा घेरे जाने वाला क्षेत्रफल A = 0.25 m2
चूँकि हाथी चारों पैरों पर खड़ा है, हमें पहले यह जानना होगा कि कुल क्षेत्रफल क्या होगा। चूँकि हाथी के चार पैर हैं, हम क्षेत्रफल को चार से गुणा करेंगे :

‘क’ और ‘ख’ दो नाव हैं। नाव ‘क’ के आधार का क्षेत्रफल 7 m2 है और उसमें 5 लोग बैठे हैं। नाव ‘ख’ के आधार का क्षेत्रफल 3.5 m2 है और उसमें 3 लोग बैठे हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति का भार 700 N है तो पता लगाएँ कि किस नाव के आधार पर अधिक दाब लगेगा और कितना?
उत्तर :
निष्कर्ष : अब हम दोनों नावों के दाब की तुलना करते हैं:

- नाव ‘क’ पर दाब 500 N m2
- नाव ‘ख’ पर दाब 600 N m2
इसलिए, नाव ‘ख’ के आधार पर अधिक दाब लगेगा, जो कि 600 N m2 है।
यदि वायु और बादल दोनों विद्युत के सुचालक होते तो क्या तड़ित उत्पन्न होती? अपने उत्तर का कारण दीजिए।
उत्तर :
यदि वायु और बादल दोनों विद्युत के अच्छे चालक होते, तो तड़ित उत्पन्न नहीं होती। इसका कारण यह है कि तड़ित के लिए बादलों में विद्युत आवेशों का संचय होना आवश्यक है।
जब बादलों में विद्युत आवेश इकट्ठा होते हैं, तब वे एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। यदि वायु अच्छे चालक होती, तो विद्युत आवेश बिजली गिरने के लिए आवश्यक उच्च वोल्टेज तक पहुँचे बिना ही तेजी से समाप्त हो जाते।
यदि बोतल में जल एक निश्चित ऊँचाई तक भर दिया जाए तो दर्शाए गए चित्र 6.24 के अनुसार दो समान गुब्बारों ‘क’ और ‘ख’ का क्या होगा? क्या दोनों गुब्बारे फूलेंगे? यदि हाँ, तो क्या वे समान रूप से फूलेंगे? अपने उत्तर को समझाइए।
उत्तर :
जब बोतल में जल को एक निश्चित ऊँचाई तक भरा जाता है, तो चित्र 6.24 के अनुसार दोनों समान गुब्बारे ‘क’ और ‘ख’ फूलेंगे।
यह इसलिए होगा क्योंकि दोनों गुब्बारे एक समान आकार के हैं और उन पर जल का दबाव समान होगा। जब जल भरा जाता है, तो गुब्बारे में दबाव के कारण वे फैलते हैं। चूँकि दोनों गुब्बारे एक समान ऊँचाई पर हैं, इसलिए उन पर लगने वाला दबाव भी समान होगा।

व्याख्या कीजिए कि झंझावात चक्रवात में किस प्रकार परिवर्तित हो जाता है।
उत्तर :
झंझावात चक्रवात में तब परिवर्तित होता है जब महासागर का गरम जल वाष्प में बदलता है। गरम और आर्द्र वायु ऊपर उठती है, जिससे निम्नदाब का क्षेत्र बनता है। आस-पास की ठंडी वायु तेजी से इस क्षेत्र में आती है और चक्रण करती है। इस प्रक्रिया से झंझावात चक्रवात में बदल जाता है. जिसमें तेज पवन और भारी वर्षा होती है।
चित्र 6.25 में गर्मियों की दोपहर के समय में समुद्र तट पर पेड़ों को दर्शाया गया है। पहचानिए ‘क’ अथवा ‘ख’ में स्थल किस ओर है। अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
चित्र 6.25 में ‘क’ और ‘ख’ में ‘क’ की ओर भूमि है। गर्मियों की दोपहर में, भूमि जल्दी गरम होती है जिससे भूमि के ऊपर की हवा हल्की और गर्म होकर ऊपर उठती है। इससे भूमि पर निम्न दाब का क्षेत्र बनता है। समुद्र की ठंडी हवा उच्च दाब वाले क्षेत्र से भूमि की ओर बहती है, जिससे समुद्री हवा का प्रवाह होता है। इस कारण पेड़ ‘क’ की ओर झुके हुए हैं, जो दर्शाता है कि हवा ‘ख’ से ‘क’ की ओर बह रही है। इसलिए ‘क’ की ओर भूमि है।

ऐसे किसी क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए जो यह दर्शाए कि वायु उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर बहती है।
उत्तर :
हम एक सरल क्रियाकलाप कर सकते हैं जिससे यह दिखाया जा सके कि वायु उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर बहती है।
सामग्री : दो समान गुब्यारे, एक स्ट्रॉ, रबर बैंड या धागा।
प्रक्रिया : (i) एक गुब्बारे को फुलाएँ और उसका मुँह बाँध दें। यह गुब्बारा उच्च दाब क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है।
(ii) स्ट्रॉ का एक सिरा फूले हुए गुब्बारे में डालें और रबर बैंड से बाँध दें।
(iii) स्ट्रॉ का दूसरा सिरा बिना फूले हुए गुब्बारे के मुँह में डालें और उसे भी बाँध दें।
(iv) फूले हुए गुब्बारे का मुँह खोलें और देखें कि क्या होता है।

अवलोकन : जब आप फूले हुए गुब्बारे का मुँह खोलते हैं, तो आप देखेंगे कि वायु उच्च दाब वाले गुब्बारे से निम्न दाब वाले गुब्बारे में बहती है, जिससे दूसरा गुब्बारा फूलता है।
निष्कर्ष : यह क्रियाकलाप यह दर्शाता है कि वायु उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर बहती है जब तक कि दोनों गुब्बारों में दाब समान नहीं हो जाता।
तड़ितझंझा क्या है? इसके निर्माण प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
तड़ित-झंझावात एक प्राकृतिक घटना है जिसमें तेज वायु, तड़ित और गरज के साथ बारिश होती है।
निर्माण की प्रक्रिया :
- गरम वायु का उठना : जब भूमि गरम होती है, तो गरम और आर्द्र वायु हल्की होने के कारण ऊपर की ओर उठती है। इससे निम्न दाब का क्षेत्र बनता है, और ठंडी वायु उस क्षेत्र को घेर लेती है।
- वायु का चक्रण : ठंडी वायु गरम वायु के ऊपर उठने के साथ-साथ चक्रण की प्रक्रिया शुरू होती है। जैसे-जैसे गरम वायु ऊपर जाती है, वह ठंडी होकर जल की बूँदों में परिवर्तित होती है. जिससे बादल बनते हैं।
- तड़ित और गरज का उत्पन्न होना : जब बादलों में विद्युत आवेश उत्पन्न होता है, तो तड़ित बनती है। इसके साथ ही, जब तड़ित होती है, तो आस-पास की वायु गरम होकर तीव्र गति से फैलती है, जिससे गरज उत्पन्न होती है। जब ये दोनों घटनाएँ मिलती हैं, तो तड़ित-झंझावात का निर्माण होता है।
उस प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए जिसके कारण तड़ित उत्पन्न होती है।
उत्तर :
तड़ित उत्पन्न होने की प्रक्रिया में सबसे पहले गरम और आर्द्र वायु ऊपर उठती है, जिससे निम्न दाब का क्षेत्र बनता है। जब ऊर्ध्वगामी और अधोगामी वायु एक-दूसरे के विरुद्ध घर्षण करती हैं, तो बादलों में स्थिरवैद्युत आवेश उत्पन्न होता है। जब ये आवेश अधिक हो जाते हैं, तो वायु का विद्युतरोधी गुण समाप्त हो जाता है, जिससे अचानक आवेश का प्रवाह होता है और तड़ित उत्पन्न होती है।
इस प्रक्रिया में बादलों के बीच और बादलों तथा धरातल के बीच विपरीत आवेश टकराते हैं, जिससे तड़ित और गरजन उत्पन्न होती है।

व्याख्या कीजिए कि प्रदर्शपट्ट (बैनर) और विज्ञापन पट्ट ( होर्डिंग्स ) में छिद्र क्यों बनाए जाते हैं।
उत्तर :
प्रदर्शपट्ट (बैनर) और विज्ञापन पट्ट (होर्डिंग्स) में छिद्र इसलिए बनाए जाते हैं ताकि हवा आसानी से उनके माध्यम से गुजर सके। इससे बैनर या होर्डिग्स उड़ते नहीं हैं और स्थिर रहते हैं। यह वायु दाब को कम करते हैं।
Class 8 Science Chapter 6 Question Answer in Hindi (Intext)
खोजबीन और विचार करें (पृष्ठ 80)
वायु की गति अन्य दिनों की तुलना में कुछ दिनों में अधिक तीव्न क्यों होती है?
उत्तर :
वायु की गति कुछ दिनों में अधिक तीव्र होती है, क्योंकि उस समय वायुमंडल में उच्च और निम्न दबाव के क्षेत्र बनते हैं। जब उच्च द्वाव का क्षेत्र निम्न दबाव की ओर हवा को खींचता है, तो हवा तेजी से बहती है। यह स्थिति झंझावात या चक्रवात के दौरान अधिक होती है, जिससे पवन की गति बढ़ जाती है।
जल की टंकियों को प्राय: ऊँचाई पर क्यों रखा जाता है?
उत्तर :
जल की टंकियों को प्रायः ऊँचाई पर इसलिए रखा जाता है ताकि जल का द्बाव बढ़ सके। जब जल ऊँचाई पर होता है, तो वह नीचे की ओर गिरता है, जिससे पाइप में जल का प्रवाह तेज होता है। इससे घरों में जल आसानी से पहुँचता है।
क्या वायुदाब हमें वस्तुतः दबा सकता है?
उत्तर :
वायुदाब वास्तव में बहुत अधिक होता है, लेकिन यह हमें दबा नहीं सकता। इसका कारण यह है कि हमारे शरीर के अंदर का दबाव बाहरी वायुदाब के बराबर होता है। इस संतुलन के कारण हमें कोई नुकसान नहीं होता। अगर द्बाव में बड़ा अंतर होता, जैसे कि वैक्यूम में, तो यह खतरनाक हो सकता है। लेकिन सामान्य परिस्थितियों में, हम सुरक्षित रहते हैं।
झंझावात एवं चक्रवात किन कारणों से होते हैं? यदि पृथ्वी का घूमना रुक जाए तो क्या चक्रवात फिर भी बनेंगे?
उत्तर :
झंझावात और चक्रवात तब होते हैं जब गरम और आर्द्र वायु ऊपर उठती है, जिससे निम्न दाब का क्षेत्र बनता है। ठंडी वायु उच्च दाब वाले क्षेत्रों से तेजी से आती है और गरम वायु को ऊपर उठाती है। इससे चक्रण की प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे झंझावात और चक्रवात उत्पन्न होते हैं।
यदि पृथ्वी का घूर्णन रुक जाए, तो चक्रवात नहीं बनेंगे। घूर्णन के कारण वायु चक्रण करती है, जिससे चक्रवात का निर्माण होता है। बिना घूर्णन के, वायु की गति और दिशा में परिवर्तन नहीं होगा, जिससे चक्रवात नहीं बन पाएँगे।
(पृष्ठ 82)
तालिका 6.1 : अपने प्रेक्षणों को अंकित कीजिए
उत्तर:

निष्कर्ष : छोटे संपर्क क्षेत्र वाले उपकरणों का उपयोग करने से दाब बढ़ता है, जिससे कार्य करना आसान हो जाता है।
(पृष्ठ 83)
प्रश्न :
क्या द्रव भी दाब डालते हैं?
उत्तर :
हाँ, द्रव भी दाब डालते हैं। जब द्रव किसी सतह पर होता है. तो उसका द्रव्यमान और गुरुत्वाकर्षण के कारण वह सतह पर दाब उत्पन्न करता है। जैसे-जैसे द्रव की ऊँचाई बढ़ती है, दाब भी बढ़ता है।
(पृष्ठ 84)
यदि पाइप के भीतर जल स्तंभ की ऊँचाई में वृद्धि की जाए तो गुब्बारे के फैलाव पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर :
यदि पाइप के भीतर जल स्तंभ की ऊँचाई बढ़ाई जाए, तो गुब्बारे का फैलाव बड़ा हो जाएगा। इसका कारण यह है कि जब जल का दबाव बढ़ता है, तो जैसे-जैसे जल की ऊँचाई बढ़ती है, गुब्बारे का आकार भी बड़ा होता है।
मान लीजिए कि आप तीन मंजिला भवन के द्वितीय तल पर रहते हैं और जल की टंकी सबसे ऊपर के तल की छत पर रखी हुई है। आप अथवा प्रथम तल पर रहने वाले आपके मित्र दोनों में से किसे नल से निकलने वाले जल का अधिक प्रवाह प्राप्त होगा? कारण बताइए।
उत्तर :
आपके मित्र, जो पहले तल पर रहते हैं, उन्हें नल से निकलने वाले जल का अधिक प्रवाह प्राप्त होगा। इसका कारण यह है कि जल का दबाव उस ऊँचाई पर निर्भर करता है, जहाँ से जल गिरता है। जल की टंकी यदि सबसे ऊपर की छत पर है, तो पहले तल पर पानी की ऊँचाई अधिक हांगी. जिससे नल पर दबाव बढ़ता है। इसके विपरीत, दूसरे तल पर रहने वाले आप के नल के ऊपर पानी की ऊँचाई कम होगी, इसलिए जल का प्रवाह कम होगा।
(पृष्ठ 85)
प्रश्न :
आपने देखा होगा कि जल के पाइप के छिद्रों से अथवा रिसाव वाले जोड़ों से जल की प्रबल धारा फब्वारे के रूप में निकलती है। क्या आप समझा सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है? क्या यह जल द्वारा पाइप की दीवारों पर लगाए गए दाब के कारण होता है?
उत्तर :
जल के पाइप के छिद्रों से या रिसाव वाले जोड़ों से जल की प्रबल धारा फब्वारे के रूप में निकलती है। यह इसलिए होता है क्योंकि पाइप की दीवारों पर जल द्वारा दबाव होता है। जब द्बाव अधिक होता है, तो जल तेजी से बाहर निकलता है।
इसका मतलब है कि द्रव का दाब सभी दिशाओं में समान रूप से फैलता है, जिससे रिसाव वाले स्थानों से जल बाहर निकलता है।
(पृष्ठ 88)
प्रश्न :
क्या वायदुाब में अतंर पवन के बनने से संबंधित है? पवन कैसे बनती है?
उत्तर :
हाँ, वायुदाब में अंतर पवन के बनने से संबंधित है। जब वायुदाब का स्तर उच्च और निम्न होता है, तो हवा उच्च दबाव क्षेत्र से निम्न द्बाव क्षेत्र की ओर चलती है। इस चलती हुई हवा को हम पवन कहते हैं। इसलिए, वायुदाब में अंतर पवन के निर्माण का मुख्य कारण है।
प्रश्न :
अवलोकन कीजिए कि दोनों गुब्बारों के साथ क्या हुआ? क्या यह पूर्वानुमान के अनुरूप हुआ है?
उत्तर :
दोनों गुब्बारों के आकार में बदलाव होता है। फूले हुए गुब्बारे का आकार छोटा होता है, जबकि बिना फूले हुए गुब्बारे का आकार बढ़ जाता है।
प्रश्न :
क्या आपने गुब्बारों के आकार में कोई परिवर्तन देखा? अपने अवलोकनों को लिखिए।
उत्तर :
हाँ, मैंने देखा कि फूले हुए गुब्बारे का आकार सिकुड़ गया, जबकि बिना फूले हुए गुब्बारे का आकार फूल गया। इसका कारण यह है कि वायु फूले हुए गुब्बारे से बिना फूले हुए गुब्बारे में चली गई जिसके कारण दोनों गुब्बारों के आकार में परिवर्तन दिखाई देता है।
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